engineer chalaana chaah rahe hain peedeees dukaan - इंजीनियर चलाना चाह रहे हैं पीडीएस दुकान DA Image
18 नबम्बर, 2019|9:31|IST

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इंजीनियर चलाना चाह रहे हैं पीडीएस दुकान

मैट्रिक व मौलवी के चक्कर में नहीं हो पाया पीडीएस के अभ्यर्थियों का चयन। अब नये सिरे से जल्द होगी बहाली की प्रक्रिया शुरू। जनवितरण प्रणाली के 343 नये लाइसेंस की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए आपूर्ति विभाग की टीम लगी हुई है। डीएम हिमांशु शर्मा के निर्देश पर आपूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा रोस्टर बनाया जा रहा है। संभवत जून माह में आवेदन की प्रक्रिया विभाग के द्वारा शुरू कर दी जायेगी। पीडीएस के अभ्यर्थियों का चयन को लेकर अधिकारियों की स्थिति ऐसी हो गई है कि क्या करें, क्या नहीं करें। कई बार इस मामले में विभागीय मार्गदर्शन के लिए सरकार को पत्र भेजा गया था। सरकार के निर्देश पर ही जनवितरण प्रणाली के नये लाइसेंस निर्गत करने के लिए सरकार ने 2016 में आदेश निकाल था। उसमें करीब दो हजार लोगों ने आवेदन एसडीएम के कार्यालय में जमा किए थे। तीन साल बाद फिर से बहाली की प्रक्रिया शुरू कर पीडीएस के अभ्यर्थियों का चयन कर लाइसेंस दियें जायेंगे। बेरोजगारी का आलम : जनवितरण प्रणाली के लाइसेंस लेने के लिए मैट्रिक, मौलवी के अलावे , स्नातक, एम ए, बीटेक डिग्रीधारी ने आवेदन किया था। उच्च योग्यताधारी जो इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद अब पीडीएस के लाइसेंस लेने के आवेदन कियें थे। जनवितरण प्रणाली के विक्रेता बनने की इच्छा अब इन उच्च योग्यताधारी युवा वर्ग में होने लगा है। हो भी क्यों नहीं अपने ही घरों में सरकारी अनाज गेंहू, चावल और केरोसिन तेल का वितरण करना है। आने वाले समय में सरकार पीडीएस के दुकानदारों को और मजबूत करेगी। क्या है पीडीएस की स्थिति : जिले के 126 पंचायत में 581 जनवितरण प्रणाली के विक्रेता है। योजना से खाद्यान्न योजना के तहत गरीबों को चावल, गेहूं और केरोसिन तेल का सरकारी दामों में वितरण करते हैं। तीन सौ 43 नये लाइसेंस निर्गत हो जाने से लाभुकों को राहत मिलेगी।

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