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24 जनवरी, 2021|9:19|IST

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बदलते मौसम में रोगों से बचने को रहें सावधान

बदलते  मौसम में रोगों से बचने को रहें सावधान

जिले में मौसम का मिजाज बदल चुका है। मौसम बदलने के साथ ठंड में होने वाली बीमारी का खतरा भी रहता है। अस्पतलों के ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इससे निपटने के लिए अस्पताल में दवा की पड़ताल की गई। जिसमें अस्पताल के कर्मी ने बताया कि दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। पिछले दो-तीन दिनों में तेज हवा बहने से पारा तेजी से गिरा है और दिन और रात के तापमान में काफी अंतर दिखने लगा है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों ने भी ठंड से बचने के लिए अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी है।

लोग जैकेट, स्वेटर, टोपी, मफलर सहित कई गर्म कपड़े पहनकर निकलने लगे हैं। बावजूद इसके शहर में बढ़ते ठंड के प्रभाव को देखते हुए लोगों को काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर नवजात शिशु, छोटे-छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखना आवश्यक है। इस मौसम में नवजात शिशु एवं छोटे- छोटे बच्चों में सर्दी- खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ एवं निमोनिया होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। साथ ही सामान्य लोगों खासकर बुजुर्गों को भी सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर, सांस लेने में तकलीफ, फेफड़े का संक्रमण होने की संभावना रहती है।

नवजात शिशु एवं बच्चों का रखें खास ख्याल: सदर अस्पताल के अस्पताल अधिक्षक डॉ अनवर हुसैन बताया कि सर्दियों शुरू होने के साथ ही बच्चे और बुजुर्गों का युवाओं के सापेक्ष रोग-प्रतिरोध क्षमता काफी कम होती है। जिसके कारण ठंड के मौसम में सतर्कता नहीं बरतने पर बच्चे और बुजुर्गों बच्चों एवं बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियों एवं फेफड़े में संक्रमण होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। नवजात शिशु एवं छोटे-छोटे बच्चों में इस दौरान निमोनिया जैसी बीमारियों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है।

इस दौरान बच्चों को ऐसी बीमारियों से बचाने के लिए उनका विशेष ख्याल रखना आवश्यक है। इसके लिए बच्चे की मां को बच्चे के रखरखाव, उसके खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिये। नवजात शिशु की मां को अपने बच्चे को निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए उसको हमेशा गर्म रखने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में बच्चों एवं बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। इस वजह से इन्हें सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है तथा इस मौसम में बुजुर्गों को अत्यधिक ठंड की वजह से पारालायसिस एवं ब्रेन हेमरेज होने की संभावना रहती है।

बीपी, डायबिटीज, किडनी, सांस समेत पूर्व से अन्य बीमारी से पीड़ित लोग रहें विशेष सतर्क : सिविल सर्जन डॉ श्रीनंदन ने बताया कि ठंड मौसम के आगमन के साथ ही सर्दी-खाँसी, बुखार, सांस संबंधी परेशानी समेत अन्य मौसमी बीमारियां का भी दौर शुरू हो जाता है और यह आम बीमारी बन जाती है। यानी यह किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। ऐसे में सतर्क और सावधान रहना बेहद जरूरी है। साथ ही ब्लडप्रेशर(बीपी ), डायबिटीज, किडनी, सांस समेत पूर्व से अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, ऐसे लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सामान्य लोगों के सापेक्ष काफी कमजोर होती है। जिसके कारण ऐसे लोग बदलते मौसम में तुरंत मौसमी बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं।

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  • Web Title:Be careful to avoid diseases in the changing season