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19 सितम्बर, 2020|12:09|IST

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आश्वासन: जलजमाव से मिलेगी मुक्ति

आश्वासन: जलजमाव से मिलेगी मुक्ति

पोठिया के चनामना स्थित रेलवे अंडरपासिंग पुल के नीचे जलजमाव के कारण आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार रेलवे के अधिकारियों की नींद खुल गई।

सोमवार को रेल अधिकारियों ने यहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की। सोमवार को खबर छपते ही रेल अधिकारियों की एक टीम पोठिया पहुंचकर चनामना स्थित रेलवे अंडरपासिंग पुल पर हो रहे जल जमाव का जायजा लिया। साथ ही लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करने का अश्वासन दिए। किशनगंज-एनजीपी रेलखंड के चनामना रेल अंडरपास ब्रिज संख्या एनसी52/सी में जल जमाव की समस्याओं को लेकर रेलवे के सहायक डिवीजन इंजीनियर बीबी दीक्षित एवं आईओडब्लू राकेश कुमार ने सोमवार को स्थल का जायजा लिया। लोगो ने अंडरपास ब्रिज में पानी के जमाव की समस्याओं से रेल अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया की दो वर्ष पूर्व उक्त अंडरपासिंग पुल का निर्माण कराया गया था। निर्माणकाल के बाद से ही ब्रिज में 5 फिट से अधिक पानी का जमाव हमेशा बना रहता है। लोगों को सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को 5 किलोमीटर का घुमावदार रास्ता तय करना नियति बन गई हैं। इससे पहले पानी की निकासी रेल प्रशासन द्वारा एक पंपसेट लगाकर की जाती थी। जो कार्य वर्तमान में बंद है। किशनगंज रेल के सहायक डिवीजन इंजीनियर बीबी दीक्षित ने लोगों से कहा कि पंपसेट लगाकर पानी की निकासी फिलहाल चालू कर दी जाएगी। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पानी की निकासी कर देने के आधा घंटे बाद ब्रिज के बीच पुन: पानी भर जाता है। स्थानीय ग्रामीण जल-जमाव की समस्या का स्थायी निदान चाहते हैं। वही रेल अधिकारी द्वारा फिलहाल पानी की निकासी की बात कही जा रही है। चनामना गांव सहित अगल-बगल के गांव के सैकड़ो ग्रामीण रेल अधिकारी से उक्त अंडरपास ब्रिज को बंद कराकर पूर्व की तरह ऊपर से रेल समपार फाटक बना देने की मांग कर रहे थे।

मौके पर मौजूद ग्रामीण अपनी समस्या बता रहे थे की मवेशियों को खेत तक ले जाने में परेशानी होती है। इसके अलावा और भी कई समस्याएं होती है। ग्रामीणों ने रेल-प्रशासन से इस दिशा में जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है। अन्यथा ग्रामीण एक जुट होकर मुख्य रेलखंड पर चक्का जाम करेंगे। लोगों की समस्याओं के मद्देनजर सहायक डिवीजन इंजीनियर बीबी दीक्षित ने गम्भीरता से लेते हुए एक लिखित आवेदन की मांग ग्रामीणों से की है।

जिसे वह अपने स्तर से रेल के वरीय पदाधिकारी को अग्रसारित करेंगे। मौके पर आईओडब्लू राकेश कुमार,आरपीएफ एएसआई के.सिंह, कॉन्स्टेबल सत्यजित पाल, मो. अब्दुल गफ्फार, मो. मुस्लिम अली, कुमैल अकरम,मो. साबीर, मो.कैफ, मो. सफीर सहित भारी संख्या में महिलाएं व पुरुष मौजूद थे।

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  • Web Title:Assurance Water logging will be relieved