कोसी नदी में अचानक आया तेज बहाव, पानी में धंस गया पीपा पुल; 4 जिलों का संपर्क टूटा
खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड में कोसी नदी पर बने पीपा पुल गुरुवार को पानी में धंस गया। इससे आसपास के 4 जिलों का संपर्क क्षेत्र से टूट गया। बताया जा रहा है कि कोसी नदी में अचानक आए तेज बहाव और कटाव से यह हादसा हुआ।

बिहार की कोसी नदी में अचानक तेज बहाव आने से परेशानी खड़ी हो गई है। खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत पसराहा थाना क्षेत्र में कोसी नदी पर बने ऐतिहासिक कपसिया-बीरवास पीपा पुल क्षतिग्रस्त हो गया। तेज बहाव की वजह से पुल के दक्षिणी छोर का एक बड़ा हिस्सा गुरुवार को पानी में धंस गया। इससे खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा और भागलपुर जिले का आवागमन संपर्क टूट गया। इसी साल 28 जनवरी को इस पुल का उद्घाटन किया गया था। महज 5 मने में ही इसने जवाब दे दिया। इस पुल पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
इस हादसे ने न सिर्फ खगड़िया बल्कि मधेपुरा, सहरसा और भागलपुर जिलों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। गोगरी प्रखंड अंतर्गत पैकांत मुखिया सिंकू पासवान, देवठा पंचायत के मुखिया आलोक कुमार, पूर्व मुखिया क्षत्री शर्मा, सिकंदर शर्मा आदि ने कहा कि पुल के दक्षिणी हिस्से के मुहाने का फाउंडेशन नदी के कटाव के कारण धंस गया।
इस संकट पर उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह पीपा पुल इस पूरे क्षेत्र की लाइफलाइन था। इसके दक्षिणी छोर के मुहाने का हिस्सा धंसने से चारों जिलों का सीधा संपर्क पूरी तरह कट गया है। यह पुल मधेपुरा जिले के आलम नगर प्रखंड और खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड को जोड़ता है। अब स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के सामने आवाजाही का एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं।
वहीं आसपास के किसानों को मक्के की फसल को मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। पीपा पुल टूटने की जानकारी पर प्रशासन और विभागीय टीम हरकत में आई। फिलहाल, प्रशासनिक अमला जल्द से जल्द इस अहम मार्ग को बहाल करने की जद्दोजहद में जुटा है, ताकि लोगों को परेशानी से निजात मिल सके।
दूसरी तरफ विभागीय जानकारी के अनुसार कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद आगामी 15 जून को पीपा पुल को हटा लिया जाना था। इससे पहले ही पुल के धंसने की घटना ने अधिकारियों को सकते में डाल दिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पीपा पुल टूटने की सूचना पर गोगरी एसडीओ संजय कुमार एवं बीडीओ रघुनन्दन आनंद ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
पीपा पुल के सुपरवाइजर पवन कुमार ने कहा कि कोसी नदी में धंसे हिस्से को सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर युद्धस्तर पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। विभाग ने इस पुल को हर हाल में दुरुस्त कर आवागमन जल्द चालू करने का निर्देश दिया है। क्योंकि मॉनसून की तय गाइडलाइन के तहत 15 जून को इस अस्थायी पुल को हटा लिया जाना है।
गोगरी के एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। विभागीय पदाधिकारी से बात करके इसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। पुल के दूसरी ओर कपसिया की तरफ से भी आवागमन को रोक दिया गया है।
(खगड़िया से जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट)
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


