बिहार में कोसी, गंडक और गंगा उफान पर; चंपारण के कई इलाकों में बाढ़, सुपौल-सहरसा में भी फैला पानी
Bihar Flood: बिहार में कोसी, गंडक और गंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं। कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि से जहां सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जिले के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। वहीं कटिहार जिले में महानंदा, गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।
Bihar Flood: मानसून की सक्रियता से बिहार के साथ ही नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफना रही हैं। कोसी, गंडक, कमला सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार को इस साल का सबसे अधिक पानी इन नदियों में रिकॉर्ड किया गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार कोसी के बराहक्षेत्र में एक लाख 26 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रिकार्ड किया गया जो इस साल का सर्वाधिक है।
हालांकि तटबंध सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी तेज कर अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है। नेपाल के देवाघाट से मंगलवार सुबह 1.99 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 फाटक आंशिक रूप से खोल दिए गए और मंगलवार शाम चार बजे तक बराज से 2.19 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे वाल्मीकिनगर जंगल समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल गया।
जंगली जानवर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर के चकदहवा, झंडुआ टोला और बिन टोली के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। योगापट्टी के दियारा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। पूर्वी चंपारण में सोमवार रात 63.32 मिलीमीटर बारिश के बाद गंडक, बूढ़ी गंडक और लालबकेया नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। गंडक नदी का डुमरिया घाट पर जलस्तर 62.34 मीटर पर पहुंच गया, जो लाल निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर है।
भागलपुर: महानंदा गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी
नेपाल में हो रही बारिश से कोसी और सीमांचल के जिलों की नदियों का जलस्तर एकबार फिर बढ़ने लगा है। कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि से जहां सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जिले के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। वहीं कटिहार जिले में महानंदा, गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं प्रदेश में गंगा उफान पर है। इलाहाबाद से फरक्का तक गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में हुई है।
सुपौल जिले में सोमवार रात 10 बजे कोसी बराज से 1,72,764 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जबकि मंगलवार की शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार कोसी बराज से 1,85,310 क्यूसेक पानी छोड़ा। जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख ई संजीव शैलेश ने बताया कि नेपाल में हो रही बारिश से कोसी नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।तटबंध पर इंजीनियरों की टीम मॉनिटरिंग कर रही है।
वहीं कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से सहरसा जिले के महिषी, सलखुआ और नवहट्टा प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने लगा है। महिषी की झाड़ा, ऐना, वीरगांव व बहोरवा क्षेत्र, सलखुआ की चानन, अलानी, साम्हरखुर्द तथा सिमरी बख्तियारपुर से लगी कठडूमर, बेलवाड़ा, धनुपुरा व घोघसम पंचायतों में पानी फैल रहा है। वहीं नवहट्टा के रसलपुर, बकुनिया, बिरजाईन, देवका, सत्तासी टोला, रामपुर व असैय चाही टोला में पानी और कटाव से लोगों की चिंता बढ़ गई है। मधेपुरा जिले में कोसी और उसकी सहायक नदियों में सोमवार की देर रात से तेज वृद्धि हो रही है। फुलौत, मोरसंडा समेत आसपास के गांवों के निचले इलाके में पानी फैलने लगा है।
सीमांचल के अररिया जिले में पलासी, सिकटी व कुर्साकांटा प्रखंड होकर बहने वाली बकरा व नूना नदी के जलस्तर में जहां कमी आई है, वहीं जोकीहाट प्रखंड होकर बहने वाली बकरा व परमान नदी के जलस्तर में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर में कमी के बावजूद पलासी में बकरा नदी का कटाव जारी है। कटिहार जिले में लगातार हो रही बारिश से महानंदा, गंगा और कोसी नदी के अधिकांश गेज स्थलों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की रिपोर्ट के अनुसार महानंदा नदी के झौआ और बहरखाल गेज पर सबसे अधिक 22-22 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा। इधर पूर्वी बिहार के मुंगेर।
मुंगेर जिले में गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार को भी बढ़ता रहा, लेकिन बढ़ोतरी की रफ्तार में कमी आई है। केंद्रीय जल आयोग कर्मी विनोद हांसदा ने बताया कि नदी में अभी भी वृद्धि जारी है, लेकिन गति धीमी हो गई है। खगड़िया जिले में कोसी व बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कोसी नदी खगड़िया के बलतारा में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में 37 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाके में फैलने लगा है। जल संसाधन विभाग लगातार जलस्तर पर निगरानी रख रहा है। वहीं गंगा नदी के जलस्तर में मुंगेर में 40 सेमी, भागलपुर में 48 सेमी और कहलगांव में 51 सेमी वृद्धि दर्ज की गई है।
गंडक और लालबकेया के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई
पूर्वी चंपारण में सोमवार रात 63.32 मिलीमीटर बारिश के बाद गंडक, बूढ़ी गंडक और लालबकेया नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। गंडक नदी का डुमरिया घाट पर जलस्तर 62.34 मीटर पर पहुंच गया, जो लाल निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर है। लालबकेया नदी का गुआबारी में जलस्तर 71.60 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर है।
झंझारपुर में कमला बलान से सड़क-रेल पुल पर दबाव बढ़ा
मधुबनी के झंझारपुर में कमला बलान नदी का जलस्तर लगातार दूसरे दिन बढ़कर 51.20 मीटर पर पहुंच गया, जो लाल निशान (50.50 मीटर) से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। तटबंधों और सड़क-रेल पुल पर दबाव बढ़ गया है। नवटोलिया यादव और सहनी टोला सहित नदी के भीतर बसे करीब 200 परिवारों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन नजर बनाए हुए है।
कुशेश्वरस्थान और घनश्यामपुर में पानी फैला
दरभंगा जिले में कमला बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि से कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी में कमला बलान के पश्चिमी तटबंध के भीतर इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायतों के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। इटहर, चौकिया और लक्ष्मीनिया गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया है। प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीनिया परिसर में पानी भर गया है, जबकि प्राथमिक विद्यालय इटहर पोखर पानी से घिर गया है। घनश्यामपुर में करीब 10 गांव पानी से घिर गए हैं। बाढ़ प्रमंडल झंझारपुर-दो के एसडीओ विनय कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर लाल निशान से 35 सेंमी ऊपर है, फिलहाल स्थिति स्थिर है।


