बिहार: नेपाल में भारी बारिश के बाद कोसी-गंडक में उफान; चंपारण, सारण और सीवान में बाढ़ का संकट
चंपारण के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर लाल निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर रहा। गोपालगंज और सारण जिले में फिलहाल गंडक का जलस्तर फिलहाल खतरे के नीचे है। कोसी का जलस्तर खगड़िया के बलतारा में खतरे के निशान से 73 और कुरसेला में 59 सेमी ऊपर रहा।

नेपाल में बीते तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण गंडक और कोसी नदी में एक बार फिर उफान आ गया है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्राव में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी किनारे और दियारा क्षेत्र में बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि सोमवार दोपहर तक पश्चिमी एवं पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज से यह पानी गुजरेगा। जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरों को सतर्क रहने को कहा है। जरूरत हुई तो आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है।
उधर, रविवार को नेपाल के भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया। विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 781 हो गई है, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल के देवघाट जल मापन केंद्र के इंचार्ज सुनील पोखरेल के अनुसार, क्षेत्र में बीते तीन दिनों से बारिश हो रही है। रविवार शाम पांच बजे देवघाट से 2.01 लाख क्यूसेक पानी गुजरा। पानी के वाल्मीकिनगर पहुंचने के बाद जलस्राव में और बढ़ोतरी की संभावना है।
नेपाल में जिस दिन फ्लैश फ्लड आया था, उस रात 12 बजे तक 1.52 लाख क्यूसेक पानी गंडक में डिस्चार्ज हुआ था। अब उससे भी अधिक डिस्चार्ज होने से उत्तर बिहार के गंडक प्रभावित जिलों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में वाल्मीकिनगर बराज से जलस्राव में 72400 क्यूसेक की वृद्धि हुई है। शनिवार की रात आठ बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 99800 क्यूसेक जलस्राव रिकॉर्ड किया गया, जो रविवार की रात 8 बजे तक बढ़कर 172400 क्यूसेक तक पहुंच गया।
उधर, वीरपुर बराज से शनिवार रात 8 बजे कोसी का जलस्राव 1,66,535 क्यूसेक दर्ज किया गया था, जो रविवार शाम छह बजे 1,80,785 क्यूसेक तक पहुंचा। बराज की क्षमता साढ़े आठ लाख क्यूसेक की है। जल संसाधन विभाग ने जिलों को अलर्ट रहने को कहा है।
डुमरियाघाट में गंडक, खगड़िया में कोसी लाल निशान पार
पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर लाल निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर रहा। गोपालगंज और सारण जिले में फिलहाल गंडक का जलस्तर फिलहाल खतरे के नीचे है। कोसी का जलस्तर खगड़िया के बलतारा में खतरे के निशान से 73 और कुरसेला में 59 सेमी ऊपर रहा।
चीन की ओर भी बनी झील से खतरा
माना जा रहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमखंड और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन के कारण नेपाल में बाढ़ आई थी। नेपाल में नए सिरे से बाढ़ की आशंका तब बढ़ी जब 26 अगस्त को हिमालय में ग्लेशियर ढहने के बाद चीन की ओर एक झील बन गई। हालांकि, चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार शनिवार को इस झील का आकार घटने लगा, जिससे बड़ी तबाही की आशंका कुछ कम हुई।


