संजय और रमीज ही नहीं, RJD का सिस्टम तेजस्वी की कोर टीम के 6 मेंबर चलाते हैं, बाकी 4 कौन?
Tejashwi Yadav Core Team: लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या के निशाने पर भले सिर्फ संजय यादव और रमीज नेयाज खान हों, लेकिन राजद का सिस्टम चलाने वाली तेजस्वी यादव की कोर टीम में उन दोनों के साथ 6 मेंबर हैं।

Tejashwi Yadav Core Team: सफलता के कई बाप होते हैं जबकि नाकामी अनाथ होती है। लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की करारी हार की जिम्मेवारी के पर परिवार में ही महाभारत चल रहा है। राबड़ी देवी के आवास पर पराजय पर चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव के सलाहकार और सांसद संजय यादव का नाम लेने पर मां-बाप के सामने रोहिणी आचार्या को गाली देने और उन पर चप्पल फेंकने तक बात पहुंच चुकी है। रोहिणी के पटना से निकलने के बाद तीन और बहनें भी लौट गई हैं। रोहिणी ने संजय यादव और रमीज नेयाज खान का नाम लिया, लेकिन तेजस्वी की कोर टीम में 6 लोग हैं, जो उनके साथ-साथ आरजेडी के सिस्टम को चलाते हैं, उसको कंट्रोल करते हैं। जानिए उन किरादरों को।
संजय यादव, तेजस्वी यादव के चाणक्य, सलाहकार, मित्र और एंट्री गेट
हरियाणा के रहने वाले संजय यादव तेजस्वी यादव और उनके जरिए राजद को चलाते हैं। तेजस्वी से मिलना हो या पार्टी की कोई रणनीति हो, सब संजय की सलाह से होता है। हरियाणा के निवासी संजय यादव को तेजस्वी से उनके क्रिकेट खेलने के दौर में अखिलेश यादव ने मिलाया था। संजय आज पार्टी के राज्यसभा सांसद भी हैं। तेजस्वी की आंख और कान हैं। संजय ने चुनाव में गठबंधन के सीट बंटवारे से लेकर पार्टी के अंदर टिकट मांग रहे नेताओं तक को हैंडल किया। संजय यादव की इस ताकत को तेज प्रताप यादव ‘जयचंद’ कहकर आंकते हैं और परिवार से खुद को बेदखल करने के पीछे संजय को ही जिम्मेदार ठहराते हैं। रोहिणी ने कहा था कि जो लोग चाणक्य बनते हैं, सवाल तो उन्हीं से पूछा जाएगा। राजद में संजय को ही तेजस्वी का चाणक्या माना जाता है।
रमीज नेयाज खान- तेजस्वी यादव का सोशल मीडिया मैनेजमेंट
तेजस्वी की कोर टीम के जिस रमीज नेयाज खान का नाम रोहिणी ने लिया है, वो उत्तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से दो बार समाजवादी पार्टी के सांसद रहे रिजवान जहरी के दामाद हैं। तेजस्वी के क्रिकेट खेलने के दौर में नमीज उनके संपर्क में आए थे। रेयाज, उनकी पत्नी जेबा और उनके पिता यूपी में तुलसीपुर नगर पंचायत चेयरमैन फिरोज पप्पू की हत्या के केस में आरोपी हैं। नमीज रेयाज तेजस्वी का सोशल मीडिया देखते हैं, लेकिन तेजस्वी से मिलने-जुलने वालों को संजय और नमीज के दरवाजे से ही एंट्री मिलती है। टिकट बंटवारे में भी संजय के साथ-साथ रमीज का प्रभाव रहा है, ये बात राजद के लोग बताते हैं।
शक्ति सिंह यादव- पार्टी की लाइन से प्रवक्ताओं को बांधे रखना
तेजस्वी की कोर टीम में राजद के मुख्य प्रवक्ता अत्री मुनि उर्फ शक्ति सिंह यादव अहम किरदार हैं। शक्ति पार्टी की बात और किसी भी मसले पर राजद की लाइन को मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाने का काम देखते हैं। शक्ति यादव राजद के प्रवक्ताओं को पार्टी लाइन से बांधे रखने में लगे रहते हैं। चुनाव से पहले राजद सांसद मनोज झा को बोलने से रोकते शक्ति यादव का एक वीडियो वायरल हो गया था। शक्ति सिंह यादव नालंदा जिले की हिलसा सीट से 2015 में विधायक भी बने थे। 2020 में जेडीयू के कृष्ण मुरारी शरण से 12 वोट के मामूली अंतर से शक्ति हार गए थे। 2025 के चुनाव में उनकी हार के अंतर में 16000 वोट और जुड़ गए हैं। कृष्ण मुरारी ने उनको 16012 मत से हरा दिया।
सुनील सिंह- राबड़ी देवी के मुंहबोले और बड़बोले भाई
बड़बोलेपन के लिए बिहार और देश भर में मशहूर राजद के एमएलसी सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई हैं। राबड़ी के अपने भाइयों साधु यादव और सुभाष यादव की लालू के घर में एंट्री बंद होने के बाद सुनील पार्टी में काफी प्रभावी हो गए। सुनील सिंह राजद के उन नेताओं और तेजस्वी के बीच सेतु और संवाद का काम करते हैं, जिनको संजय या रमीज के रास्ते एंट्री नहीं मिल पाती है या जिनकी बात पार्टी नेतृत्व तक नहीं पहुंच पाती है। सुनील सिंह बिस्कोमान के अध्यक्ष थे, लेकिन बदले राजनीतिक समीकरण के बाद हुए चुनाव में उनकी पत्नी को बीजेपी के विशाल सिंह ने हरा दिया। उनको सदन में नीतीश कुमार की मिमिक्री करने पर बर्खास्त कर दिया गया था, जिसे कोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया।
इंजीनियर सुनील- राघोपुर और तेजस्वी के बीच का पुल
तेजस्वी यादव की कोर टीम में राघोपुर के इंजीनियर सुनील भी हैं जो उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों और तेजस्वी के बीच पुल का काम करते हैं। कैसा काम करते हैं, वो इस चुनाव में तेजस्वी के हारते-हारते जीतने से ही साफ हो गया है। तेजस्वी 2020 में 38 हजार से ऊपर के अंतर से बीजेपी के सतीश यादव से जीते थे और इस बार सतीश से कई राउंड में पिछड़ने के बाद 14532 वोट से ही सीट निकाल पाए। इंजीनियर सुनील ठेकेदार हैं और पार्टी में पैसों का प्रवाह देखते हैं। 2024 में नीतीश के महागठबंधन छोड़कर जाने के बाद बनी एनडीए सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप में ईओयू की जांच चल रही है।
मोहम्मद अदनान- तेजस्वी यादव कब क्या करेंगे, किससे मिलेंगे
तेजस्वी यादव के निजी सहायक यानी पीए मोहम्मद अदनान सुबह से शाम तक उनके साथ सबसे ज्यादा समय बिताने वाले आदमी हैं। तेजस्वी यादव कब क्या करेंगे, कहां जाएंगे, किससे मिलेंगे, ये सब काम संजय यादव के मार्गदर्शन में व्यवस्थित करना अदनान का काम है। पार्टी या तेजस्वी के बारे में सोशल मीडिया पर नेगेटिव और पॉजीटिव चीजों पर नजर रखना और उससे तेजस्वी और संजय को अपडेट करते रहना भी अदनान के हिस्से में है। संजय यादव के विरोधियों का कहना है कि पार्टी के नेताओं से तेजस्वी को दूर रखने में अदनान का हाथ है।


