वो 4 माननीय, जिनको नहीं मना पाए तेजस्वी; राजद के अरबपति सांसद एडी सिंह की राज्यसभा पारी खत्म!
Bihar Rajya Sabha Election Congress RJD: बिहार में कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक के राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं करने से राजद के एडी सिंह की हार हो गई है। बीजेपी के शिवेश राम 5वीं सीट से जीत गए हैं।

Bihar Rajya Sabha Election Congress RJD: बिहार में संख्या के आधार पर एक राज्यसभा सीट जीतने की ताकत रखने वाला विपक्षी खेमा कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के एक विधायक के मतदान नहीं करने से 5वीं सीट भी हार गया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता शिवेश राम ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5वें कैंडिडेट के तौर पर लालू यादव की पार्टी राजद के अमरेंद्रधारी सिंह उर्फ एडी सिंह को हरा दिया। शिवेश राम को … वोट मिले, जबकि एडी सिंह को … वोट से संतोष करना पड़ा। 202 विधायकों वाले एनडीए गठबंधन के 5 में 4 कैंडिडेट की जीत पहले से तय थी, जिसमें नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर हैं।
विपक्ष में महागठबंधन के 35, एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 कुल 41 विधायक थे, जितने वोट से एक सीट जीती जा सकती थी। लेकिन, 5वीं सीट भी जीतकर एनडीए ने फिर साबित किया है कि चुनावी ऑपरेशन में उसने मास्टरी हासिल कर ली है। तेजस्वी यादव ने अपने अरबपति कैंडिडेट एडी सिंह की जीत के लिए असदुद्दीन ओवैसी और मायावती की पार्टी तक का समर्थन जुटा लिया था, लेकिन उनके अपने घर और गठबंधन में ही चार विधायकों ने उन्हें धोखा दे दिया। बीजेपी के शिवेश राम की जीत को बिना वोट दिए आसान बनाने वाले चार विधायकों के बारे में मोटी बातें जानते हैं।
मनोहर प्रसाद सिंह, कांग्रेस विधायक, मनिहारी
कटिहार जिले की मनिहारी सीट से कांग्रेस के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह वोट नहीं करने वाले सारे नेताओं में सबसे सीनियर और पुराने एमएलए हैं। मनोहर लगातार चौथी बार जीते हैं, लेकिन खास ये है कि पहला चुनाव वो जेडीयू के टिकट पर 2010 में जीते थे। उसके बाद 2015, 2020 और 2025 में कांग्रेस के विधायक बने हैं। आदिवासी आरक्षित मनिहारी सीट के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह पुलिस अफसर रहे हैं और आईजी पद से रिटायर होने के बाद जेडीयू के रास्ते राजनीति में आए थे।
मनोज बिश्वास, कांग्रेस विधायक, फारबिसगंज
राज्यसभा चुनाव से दूर रहने वाले कांग्रेस के दूसरे विधायक नौजवान मनोज बिश्वास हैं, जो अररिया जिले की फारबिसगंज सीट से महज 221 वोटों के अंतर से भाजपा को हराकर पहली बार जीते हैं। पिछले हफ्ते तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक में नहीं जाने के बाद एक इंटरव्यू में मनोज बिश्वास ने कहा था कि राजद कैंडिडेट के पक्ष में कांग्रेस के विधायक एकजुट हैं। इंटरव्यू में मनोज ने यह भी कहा था कि 16 मार्च के बाद बहुत बड़ा खेला होने वाला है। उन्होंने कहा था कि यह नीतीश कुमार हैं, सबके समझ में नहीं आते हैं। मजेदार यह है कि इस इंटरव्यू में मनोज यह कह रहे थे कि मीडिया में गलत चल रहा है कि कांग्रेस के विधायक यहां-वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के 6 विधायक एक साथ हैं।
सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, कांग्रेस विधायक, वाल्मीकि नगर
चुनाव में वोट नहीं करने वाले कांग्रेस के तीसरे विधायक हैं पश्चिमी चंपारण जिले की वाल्मीकि नगर सीट से विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा। सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा एक समय उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी में रहे हैं और रालोसपा के टिकट पर 2015 का चुनाव भी लड़े थे। तब वो तीसरे नंबर पर रहे थे। 2025 के चुनाव में सुरेंद्र कुशवाहा जदयू के धीरेंद्र प्रताप सिंह को 1675 वोट के अंतर से हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं।
फैसल रहमान, राजद विधायक, ढाका
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने राजद को जो गच्चा दिया वो इसके सामने कुछ नहीं है कि तेजस्वी यादव को उनके भरोसेमंद आरजेडी विधायक फैसल रहमान ने भी धोखा दिया। वोट नहीं डालने वाले चार विधायकों में पूर्वी चंपारण जिले की ढाका से एमएलए फैसल रहमान राजद के इकलौते हैं। फैसल रहमान ने पहली बार जेडीयू के टिकट पर 2010 में चुनाव लड़ा था, लेकिन पवन जायसवाल से हार गए थे। फैसल 2015 के चुनाव में राजद के सिंबल पर लड़े और जीते। 2020 में बीजेपी के पवन जायसवाल ने उनको हरा दिया, लेकिन 2025 में फिर वो पवन को हराकर दूसरी बार विधायक बने। फैसल के वोट नहीं डालने से तेजस्वी के पार्टी प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहा है।
महागठबंधन की हार के बाद तीन विधायकों पर कार्रवाई की हड़बड़ी में कांग्रेस
चुनाव से पहले विधायकों को समझने और समझाने में नाकाम साबित हुई कांग्रेस अब महागठबंधन की हार के बाद वोट नहीं डालने वाले तीन विधायकों पर कार्रवाई की हड़बड़ी दिखा रही है। नतीजों के कुछ ही मिटन के अंदर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि महागठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में वोट नहीं देने वाले विधायकों के खिलाफ पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट भेजी जाएगी। राजेश राम ने कहा कि इन विधायकों ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कल तक तीनों विधायक पार्टी के संपर्क में थे, लेकिन अचानक उन्होंने ऐसा फैसला क्यों लिया, यह समझ से परे है।
फैसल रहमान के वोट नहीं डालने को राजद ने जनता से धोखा बताया
राज्यसभा चुनाव में ढाका के विधायक फैसल रहमान के वोट नहीं डालने को पार्टी ने जनता से धोखा बताया है। पार्टी के सूत्रों ने कहा है कि तेजस्वी यादव पार्टी के विधायक फैसल के आचरण से नाखुश हैं और उन पर जल्द ही कार्रवाई होगी। चुनाव नतीजों के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से कहा कि उनकी संख्या जो भी रहे, वो भाजपा से लड़ते रहेंगे और एक दिन कामयाब भी होंगे। तेजस्वी ने कहा कि अधिकारियों के बल पर डरा-धमकाकर विधायकों को खरीदने की खतरनाक परंपरा शुरू हुई है लेकिन इसका अंत होगा।


