
विदेशी भाषाएं दिलाएंगी नौकरी-रोजगार, 4 फॉरेन लैंग्वेज की मुफ्त पढ़ाई का नीतीश सरकार का प्लान समझिए
कोरियन भाषा को छोड़कर अन्य तीन विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सोमवार से शुक्रवार तक रोज दो घंटे ऑफलाइन व डिजिटल लैब में होगी। कोरियन भाषा की ट्रेनिंग सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन चार घंटे की होगी।
अब बिहार सरकार डिग्रीधारी छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी समेत चार विदेशी भाषाएं मुफ्त में सिखाएगी। वह भी सिर्फ आठ महीने में। जर्मन, जैपनीज, कोरियन और अरेबिक भाषाओं की पढ़ाई आठ महीने में पूरी होगी जबकि कोरियन भाषा की जानकारी चार माह में पूरी होगी। इसके लिए श्रम संसाधन विभाग के बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन (बीएसडीएम) ने पहल की है। स्नातक के अलावा आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, नर्सिंग छात्रों को भी विदेशी भाषा सीखने का मौका मिल सकेगा।
कोरियन भाषा को छोड़कर अन्य तीन विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सोमवार से शुक्रवार तक रोज दो घंटे ऑफलाइन व डिजिटल लैब में होगी। कोरियन भाषा की ट्रेनिंग सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन चार घंटे की होगी। इसके लिए 12 दिसंबर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख है। बैच 12 दिसंबर से शुरू होगा। विदेशी भाषा सीखने के लिए https://bsdm.hsf.co.in/select-role पर रजिस्टर करना होगा। ट्रेनिंग देने की व्यवस्था पटना स्थित दशरथ मांझी इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर एंड इंप्लाइमेंट स्टडीज के फॉरेन लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर में की गई है।
320 घंटे की क्लास रूम डिजिटल लर्निंग
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इंग्लिश लैंग्वेज के लिए आठ माह की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके सीखने से ओवरसीज एजुकेशन, कॉरपोरेट सेक्टर, एविएशन, टूरिज्म, बीपीओ में मदद मिलेगी। जर्मन लैंग्वेज के लिए भी आठ माह यानी 320 घंटे की क्लास रूम डिजिटल लर्निंग दी जाएगी। जेपनिज लैंग्वेज सीखने में भी 320 घंटे यानी आठ माह का वक्त लगेगा। इसके सीखने से हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, टीआईटीपी और एसएसडब्ल्यू प्रोग्राम में कॅरियर बनाया जा सकता है।
कोरियन लैंग्वेज सिर्फ चार माह में सिखायी जाएगी
कोरियन लैंग्वेज सिर्फ चार माह में सिखाया जाएगा। इसे सुपर इंटेंसिव प्रोग्राम नाम दिया गया है। इसके सीखने से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटैलिटी, स्टडी एब्रोड और इंटरनेशनल मोबिलिटी में कॅरियर बनाया जा सकता है। अरेबिक लैंग्वेज सीखने के लिए भी आठ माह यानी 320 घंटे का वक्त लगेगा। इसके सीखने से गल्फ कंट्री में हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन, लॉजिस्टिक्स, हेल्थ केयर आदि में कॅरियर बन सकेगा।





