
महिलाओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने दी नई उड़ान
10 हज़ार की पूंजी ने खोले स्वरोज़गार के नए रास्ते, किशनगंज की हजारों महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदममहिलाओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता: मुख्यमंत्र
किशनगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि किशनगंज में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने नई उड़ान दी है। 10 हजार रुपये की प्रारंभिक पूंजी से महिलाएं अब न सिर्फ स्वरोजगार शुरू कर रही हैं, बल्कि अपने परिवारों की आर्थिक मजबूती में भी अहम योगदान दे रही हैं। शुक्रवार को मेची सभागार जिला परिषद, किशनगंज में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने योजना की दस लाख लाभार्थी महिलाओं के खातों में कुल एक हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरण की। जिले की हजारों महिलाएं इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ीं और अपनी आर्थिक प्रगति की कहानियां साझा कीं।

जिला पदाधिकारी विशाल राज ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मिली राशि का उपयोग वे छोटे उद्यमों की शुरुआत और विस्तार में करें, ताकि वे दीर्घकालिक स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ सकें। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा भी उपस्थित रहे। योजना का लाभ हर परिवार की एक महिला सदस्य को दिया जा रहा है। 10 हजार रुपये की यह पूंजी महिलाओं को किराना दुकान, कपड़ा सिलाई, सब्जी व फल बिक्री, मनिहारी, चाय-नाश्ता केंद्र, पशुपालन जैसे कई छोटे व्यवसाय शुरू करने में मदद कर रही है। जीविका की डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि किशनगंज जिले में 3.22 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3.16 लाख आवेदकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूर्ण कर ली गई है। यह संख्या इस योजना की लोकप्रियता और महिलाओं के बढ़ते उद्यमशीलता भाव को दर्शाती है। योजना से लाभ प्राप्त कर महिलाएं अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव महसूस कर रही हैं। कोचाधामन के बगलबाड़ी पंचायत की सोनी देवी ने इस राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अब वे नियमित आय अर्जित कर रही हैं। सोनी देवी बताती हैं कि सिलाई का काम शुरू करने के बाद घर में आर्थिक सहूलियत बढ़ी है और आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है। इसी तरह पोठिया प्रखंड के परलाबाड़ी पंचायत की हीना बेगम ने 10 हजार रुपये की राशि से फल बिक्री का व्यवसाय शुरू किया है। आज वे अपनी आय से घर के खर्च में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हीना कहती हैं कि यह योजना उनके जैसे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मील का पत्थर साबित हो रही है। किशनगंज के सातों प्रखंड मुख्यालयों, संकुल संघों और ग्राम संगठनों में आयोजित इस कार्यक्रम में जीविका दीदियां और अन्य महिलाए़ प्रोजेक्टर, टीवी और टैब के माध्यम से जुड़ीं। महिलाओं का कहना है कि यह योजना उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता, सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई पहचान दिला रही है। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज को भी मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मिला यह संबल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है।

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