एक ही परिवार से उठा दो जनाजा
एक ही परिवार से उठा दो जनाजा एक ही परिवार से उठा दो जनाजा एक ही परिवार से उठा दो जनाजा एक ही परिवार से उठा दो जनाजा

दिघलबैंक। एक संवाददाता बहादुरगंज थाना क्षेत्र के खैखाट चौक के पास शुक्रवार की रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कांटा ताराबाड़ी निवासी शादाब अंजुम (25) और उसके चचेरे भाई नज़ीर अहमद (31) के जनाजे में शनिवार को लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। दोनों युवकों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। शनिवार को जब दोनों का जनाजा गांव से उठा तो परिजनों के क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। जनाजे की नमाज में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। इस दौरान ताराबाड़ी चौक पर भी सन्नाटा पसरा रहा और लोगों के बीच सिर्फ शादाब और नज़ीर की ही चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार दोनों युवक शुक्रवार रात तरावीह की नमाज के बाद खैखाट चौक स्थित एक लाइन होटल से करीब पचास लोगों के लिए बिरयानी लाने गए थे।लेकिन दुकान तक पहुंचने से पहले ही सड़क पार करने के दौरान तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में शादाब अंजुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल नज़ीर अहमद की इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। बताया जाता है कि शादाब अंजुम अपने पिता अख्तर हुसैन का इकलौता बेटा थे। वह चौक पर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। शादाब अपने पीछे तीन वर्ष का एक बेटा और पत्नी को छोड़ गये हैं। वहीं नज़ीर अहमद सीटेट उत्तीर्ण थे और शिक्षक बनने के लिए बीपीएससी की तैयारी कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार दोनों युवक काफी सरल और सुलझे हुए स्वभाव के थे। एक ही परिवार से एक साथ दो जनाजे उठने से पूरा गांव शोक में डूब गया। मौके पर मौजूद हर लोगों की आंखें नम थी और लोगों के चेहरों पर गहरा दुख साफ झलक रहा था।
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