उपेक्षा: जीर्णोद्धार के इंतजार में है 5 एकड़ में बना ऐतिहासिक स्टेडियम

Jan 24, 2026 12:52 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, किशनगंज
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प्लस टू उच्च विद्यालय ठाकुरगंज का स्टेडियम, जो एक समय युवा खिलाड़ियों का प्रशिक्षण स्थल था, अब जर्जर स्थिति में है। सुबह और शाम को लोग व्यायाम के लिए आते हैं, लेकिन मैदान की खराब हालत उनके लिए समस्या बन गई है। स्थानीय विधायक और जिला अधिकारी ने सुधार का आश्वासन दिया है, लेकिन कार्यवाही की प्रतीक्षा है।

उपेक्षा: जीर्णोद्धार के इंतजार में है 5 एकड़ में बना ऐतिहासिक स्टेडियम

ठाकुरगंज। प्लस टू उच्च विद्यालय ठाकुरगंज का लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में बना स्टेडियम आज बदहाली का शिकार हो चुका है। कभी इसी मैदान से अभ्यास कर दर्जनों छात्र-छात्राओं ने केंद्र और राज्य की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों में चयनित होकर ठाकुरगंज का नाम रोशन किया था, लेकिन आज वही स्टेडियम जंगल में तब्दील होता जा रहा है। प्रतिदिन प्रात: करीब पांच बजे से ही इस स्टेडियम में सैकड़ों युवा और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने वाले लोगों का जुटान होता है। इसके अलावा संध्या समय भी बड़ी संख्या में लोग दौड़, व्यायाम और अभ्यास के लिए मैदान में पहुंचते हैं। बावजूद इसके, मैदान की जर्जर स्थिति लोगों को कचोटती है।

उचित रख-रखाव और मरम्मत के अभाव में मैदान में जंगली घास उग आई है। मैदान में बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात के दिनों में मैदान में जलजमाव हो जाता है, वहीं सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। इससे खिलाड़ियों और आम नागरिकों को डर के साए में अभ्यास करना पड़ता है। स्थानीय युवाओं का कहना है कि मैदान की बदहाली के कारण अब यहां अभ्यास करना जोखिम भरा हो गया है, जिससे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेल से दूरी बना रहे हैं। यदि समय रहते स्टेडियम का विकास हो जाए, तो यह क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहतर प्रशिक्षण केंद्र बन सकता है। गौरतलब है कि सरकार नशा मुक्ति को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। ऐसे में यदि इस स्टेडियम का विकास कर युवाओं को खेल के प्रति आकर्षित किया जाए, तो स्वत: ही युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर होंगे। खेल युवाओं को अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाने में मददगार साबित होगा। हाल ही में स्थानीय विधायक गोपाल अग्रवाल ने स्टेडियम का निरीक्षण कर ओपन जिम सहित इसे सुसज्जित करने और नियमित रख-रखाव का आश्वासन दिया है। वहीं किशनगंज जिला पदाधिकारी विशाल राज ने भी मुख्यमंत्री समृद्धि कार्यक्रम के तहत स्टेडियम के सुधार का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह है कि ये आश्वासन कब धरातल पर उतरते हैं और ठाकुरगंज के इस महत्वपूर्ण स्टेडियम का गौरव कब लौटता है। क्या कहते हैं जिम्मेदार इस संबंध में विधायक गोपाल अग्रवाल ने बताया कि उनके द्वारा प्लस टू उच्च विद्यालय ठाकुरगंज का स्टेडियम का निरीक्षण किया गया है उनके पिछले विधायक काल में ही इस स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। इस बार फिर उनके द्वारा खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर इस स्टेडियम के जीर्णोद्धार और ओपन जिम बनाने की मांग की गई हैं। उम्मीद है जल्द ही इसका जीर्णोद्धार करा दिया जाएगा। गोपाल अग्रवाल, विधायक, ठाकुरगंज क्या कहते हैं जिम्मेदार इस स्टेडियम का जीर्णोद्धार करना अति आवश्यक है। इसलिए दो-दो बार स्थानीय विधायक गोपाल अग्रवाल को भी इसकी बदहाल स्थिति की जानकारी दी गई है। जिला पदाधिकारी विशाल राज ने भी इस स्टेडियम का निरीक्षण किये हैं। उम्मीद है इस वित्तीय वर्ष में इस स्टेडियम का कायाकल्प हो जाएगा। सिकंदर पटेल, नगर मुख्य पार्षद, ठाकुरगंज, नगर पंचायत स्टेडियम की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। सुबह-शाम सैकड़ों लोग यहां आते हैं, लेकिन गंदगी और जगंल के कारण महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी होती है। अगर इसे व्यवस्थित किया जाए तो यह क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। दीपा कुमारी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए यह मैदान बहुत जरूरी है। लेकिन सांप-बिच्छू और जलजमाव का डर हमेशा बना रहता है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। जया कुमारी। इसी स्टेडियम से निकलकर कई युवाओं ने फौज और पुलिस में नाम कमाया है। आज मैदान की बदहाली देखकर दुख होता है। सरकार अगर खेल को बढ़ावा देना चाहती है तो पहले ऐसे मैदानों को बचाना होगा। विवेक सिंह। युवा वर्ग को नशे से दूर रखने के लिए खेल सबसे बेहतर माध्यम है। अगर इस स्टेडियम को विकसित कर ओपन जिम और रनिंग ट्रैक बनाया जाए तो युवा खुद-ब-खुद यहां जुड़ेंगे। शुभम यादव। रोज सुबह 5 बजे से लोग यहां दौड़ लगाने आते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में कई लोग लौट जाते हैं। यह केवल मैदान नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य का सवाल है।आज मैदान की बदहाली देखकर दुख होता है। सरकार अगर खेल को बढ़ावा देना चाहती है तो पहले ऐसे मैदानों को बचाना होगा। दीपक सिंह। वर्षों से इस स्टेडियम की अनदेखी हो रही है। सिर्फ निरीक्षण से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है। अगर इस स्टेडियम को विकसित कर ओपन जिम और रनिंग ट्रैक बनाया जाए तो युवा खुद-ब-खुद यहां जुड़ेंगे। तपन साह। यदि इस स्टेडियम का विकास किया जाए तो पूरे ठाकुरगंज में स्वास्थ्य के प्रति लोग सजक तो होंगे ही युवाओं में भी एक संदेश जाएगा। यह केवल मैदान नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य का सवाल है। आज मैदान की बदहाली देखकर दुख होता है। सरकार खेल को बढ़ावा देना चाहती है सार्थक पहल होना चाहिए। हृदय गणेश खेल अनुशासन और सकारात्मक सोच सिखाता है। अगर यह स्टेडियम सुधरता है तो इसका सीधा असर समाज और युवाओं पर पड़ेगा। अगर इस स्टेडियम को विकसित कर ओपन जिम और रनिंग ट्रैक बनाया जाए तो युवा खुद-ब-खुद यहां जुड़ेंगे। आनंद गोस्वामी। मैदान की बदहाली से खिलाड़ियों का मनोबल टूट रहा है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द सफाई और मेंटेनेंस का काम शुरू करे। वर्षों से इस स्टेडियम की अनदेखी हो रही है। सिर्फ निरीक्षण से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है। रूपक कर्मकार। ठाकुरगंज जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में युवाओं को सही दिशा देना बेहद जरूरी है। स्टेडियम का विकास नशा मुक्ति अभियान को भी मजबूती देगा। राजेश करनानी

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