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विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और राष्ट्र जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा यज्ञ

विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और राष्ट्र जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा यज्ञ

संक्षेप:

दिघलबैंक। एक संवाददाताविश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और जागरण के उद्देश्य सेविश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और जागरण के उद्देश्य सेविश्व शांति, पर्यावरण शु

Dec 11, 2025 11:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, किशनगंज
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दिघलबैंक। एक संवाददाता युगतीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में तुलसिया दिघलबैंक में जारी चार दिवसीय 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से यज्ञशाला में पहुंचे गायत्री परिवार के सदस्य व ग्रामीण बड़ी संख्या में देवपूजन एवं हवन-यज्ञ में शामिल हुए। देवपूजन कार्यक्रम में 24 जोड़े दंपत्ति, देव-कन्याएं, युवा, महिलाओं और पुरुषों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं सैकड़ों भक्तों ने हवन में आहुति अर्पित कर राष्ट्र, समाज और आत्म कल्याण की कामना की। शांतिकुंज हरिद्वार से आये राम तपस्या आचार्य ने प्रवचन में कहा कि यज्ञ-हवन विश्व कल्याण का माध्यम है।

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वैदिक मंत्रों से सम्पन्न हवन-पूजन मन, बुद्धि और वातावरण सभी को पवित्र बनाता है। उन्होंने बताया कि जन-शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह महायज्ञ विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि, राष्ट्र जागरण और मनुष्य में देवत्व को जगाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। दर्जनों गांवों से पहुंच रहे श्रद्धालु इस दिव्य अनुष्ठान का लाभ उठा रहे हैं। यजमानों के साथ देवशक्तियों का आह्वान कर गायत्री महामंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की आहुति दी गई। घर-परिवार में नियमित यज्ञ करने से संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण होता है और परिवार में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। तुलसिया में आयोजित महायज्ञ पूरे क्षेत्र में भव्यता का वातावरण बना रहा है। आयोजन समिति के अनुसार शनिवार तक विविध संस्कार कार्यक्रम और अनुष्ठान जारी रहेंगे। इस आयोजन में टोली के प्रमोद शास्त्री, अभय सिंह, शिवू मांडवी, घनश्याम कोहराम, तथा आयोजन समिति के त्रिलोक नाथ झा, विवेकानंद ठाकुर, नवीन कुमार मल्लाह, गीता देवी, नीतीश रंजन, राजीव रंजन, चेतनारायण सिंह, कुष्पत राय, गौरीशंकर त्रिमूर्ति, मदन कुमार सिन्हा, मनोज कुमार सिन्हा, संतोष कुमार, गणेश, केदारनाथ, महेश ठाकुर, शंकर ठाकुर, आशुतोष, विवेक कुमार, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गायत्री परिवार के सदस्य योगदान दे रहे हैं।