शीतलहर चलने से जनजीवन प्रभावित, सड़कों पर छाया रहा सन्नाटा
किशनगंज में सर्दी की ठंडक ने जनजीवन को प्रभावित किया है, विशेषकर गरीबों के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं। तापमान में गिरावट के कारण बेघर और कम आय वाले लोग ठंड से जूझ रहे हैं। डॉक्टर बुजुर्गों और बच्चों को गर्म कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले दिनों में ठंड बढ़ने की चेतावनी दी है।

किशनगंज, संवाददाता। किशनगंज में रविवार को भी ठंड रुआब पर रहा। कुहासे व ठंडी हवाएं से इलाका शीतलहर की चपेट में रहा। रविवार को किशनगंज का तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस (अधिकतम) और 10-11 डिग्री सेल्सियस (न्यूनतम) के आसपास रहा। दिनभर हल्की धूप और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे रात के समय ठंडक महसूस हो रही थी। हवाओं की गति 10-15 किमी/घंटा है, जो दिन में धूप निकलने पर तो आरामदायक है, लेकिन रात में ठंड की तीव्रता को बढ़ा रही है। ठंडी हवाओं से जनजीवन प्रभावित मौसम के इस बदलाव के कारण, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं।
जैसे ही तापमान में गिरावट आई, सड़क किनारे रहने वाले लोग, बेघर लोग और कम आय वाले परिवार ठंड से जूझते नजर आ रहे हैं। यह वर्ग खासकर इस समय के दौरान उचित गर्म कपड़े और आश्रय की कमी से संघर्ष कर रहा है। कुछ इलाकों में तापमान गिरने के कारण स्वास्थ संबंधी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं, जैसे सर्दी, बुखार और खांसी। बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता किशनगंज में इस वक्त बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन दोनों वर्गों के लोग ठंड से जल्दी प्रभावित होते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। चिकित्सक भी सलाह दे रहे हैं कि इस समय अपने बुजुर्गों और बच्चों को गर्म कपड़े पहनने के साथ-साथ ठंडी हवा से बचने की कोशिश करें। इनकी सेहत पर मौसम का प्रभाव बहुत गंभीर हो सकता है, जिससे अस्पताल में भीड़ बढ़ने की संभावना है। गरीबों के लिए बढ़ी मुश्किलें किशनगंज में सर्दी की बढ़ती ठंडक ने गरीबों के लिए और अधिक समस्याएं खड़ी कर दी हैं। बुनियादी सुविधाओं का अभाव और ठंडी हवाओं का सामना करते हुए यह लोग विशेष रूप से संकट में हैं। प्रशासन द्वारा राहत कार्यों का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी तक ठोस उपायों का अभाव नजर आ रहा है। अभी और बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह सर्दी बढ़ सकती है और तापमान में और गिरावट हो सकती है। इसके चलते जनजीवन में और व्यवधान आने की संभावना है, खासकर गरीब वर्ग और बुजुर्गों के लिए। प्रशासन और समाजसेवियों से अपील की जा रही है कि इस समय में अधिक से अधिक सहायता और सहायता सामग्री उपलब्ध करवाई जाए।
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