Kishanganj News: पौआखाली-सीमलबाड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बंद
Kishanganj News: पौआखाली। एक संवाददाता प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पौआखाली से सीमलबाड़ी करीब

Kishanganj News: पौआखाली। एक संवाददाता प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पौआखाली से सीमलबाड़ी करीब तीन किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क का पुनर्निर्माण कार्य पिछले कुछ समय से अधर में लटका हुआ है। निर्माण कार्य अचानक बंद होने के कारण इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर हो चुकी सड़क पर अब वाहनों का चलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। रही-सही कसर मौजूदा मानसूनी बारिश ने पूरी कर दी है, जिससे पूरी सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस पक्की सड़क का निर्माण वर्ष 2015 में दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराया गया था। समय के साथ सड़क कई जगहों पर पूरी तरह टूट गई, जिसके बाद विभाग ने इसके कायाकल्प के लिए पुनर्निर्माण की स्वीकृति दी थी। हाल के महीनों में पश्चिमी सीमलबाड़ी टोला में पीसीसी सड़क का निर्माण तो पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके बाद शेष हिस्से का काम अचानक बीच में ही रोक दिया गया। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संवेदक (ठेकेदार) का पिछला भुगतान लंबित होने की वजह से आगे का काम प्रभावित हुआ है। बकाया राशि न मिलने के कारण संवेदक ने काम आगे बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस मामले पर विभाग का रुख सकारात्मक है। अधिकारियों का कहना है कि भुगतान संबंधी कागजी प्रक्रिया को तेजी से निपटाया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर राशि जारी होते ही निर्माण कार्य दोबारा पूरी गति से शुरू करा दिया जाएगा।
हजारों की आबादी और स्कूली बच्चों का प्रमुख संपर्क मार्ग :
यह मार्ग महज एक सड़क नहीं, बल्कि इलाके की लाइफलाइन है। पौआखाली, सीमलबाड़ी और मीरभिट्ठा होते हुए यह सड़क सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 327 ई (एनएच-327ई) को जोड़ती है। प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान, छोटे व्यापारी और मरीज इसी रास्ते से जिला मुख्यालय और बाजारों तक पहुंचते हैं। सड़क की मौजूदा हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने उठाई मांग :
क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि है बरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। अधूरे कार्य को समय सीमा तय कर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।


