मदरसा बंद मिलने पर भड़के अभिभावक, जांच के निर्देश
टेढ़ागाछ के चिल्हनियां पंचायत में मदरसा मोसनिया के बंद होने पर अभिभावकों में आक्रोश बढ़ गया। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से स्थानीय लोगों ने जांच और कार्रवाई की मांग की। मौलवी की अनुपस्थिति और मध्याह्न भोजन योजना में कमी के आरोप लगे। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की चेतावनी दी गई।

टेढ़ागाछ। टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के सुहिया वार्ड संख्या स्थित मदरसा मोसनिया चिल्हनिया में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को स्थानीय अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को मदरसा अचानक बंद पाए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, जिसके बाद अभिभावकों ने कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित विभाग से त्वरित जांच एवं कार्रवाई की मांग की। स्थानीय अभिभावकों असलम आलम, बादल आलम, कयूम आलम तथा पूर्व वार्ड सदस्य राशिद आलम सहित अन्य लोगों ने बताया कि मदरसे में शिक्षण व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है। आरोप है कि मदरसे में नियुक्त मौलवी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि मौलवी कभी-कभार आते भी हैं तो प्राय: दोपहर 12 बजे के बाद हाजिरी बनाकर मात्र एक घंटे तक रुकते हैं और फिर चले जाते हैं। इस स्थिति में न तो निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा हो पा रहा है और न ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। अभिभावकों ने मदरसे में संचालित मध्याह्न भोजन योजना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि योजना का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। महीने में केवल चार से पांच दिन ही बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जबकि शेष दिनों में बच्चे बिना भोजन के ही लौटने को मजबूर होते हैं। इससे न केवल योजना के उद्देश्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि गरीब व जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।मदरसा भवन की स्थिति भी अत्यंत जर्जर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार भवन का वर्षों से न तो रंग-रोगन कराया गया है और न ही किसी प्रकार का रखरखाव। दीवारें और छत जर्जर अवस्था में हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को ऐसे असुरक्षित भवन में बैठाकर पढ़ाना उनके जीवन से खिलवाड़ है।इस पूरे मामले को लेकर जब जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा। लगातार कॉल किए जाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने से अभिभावकों में नाराजगी और बढ़ गई।अंतत: स्थानीय लोगों व अभिभावकों ने जिला पदाधिकारी एवं संबंधित शिक्षा विभाग से मदरसा मोसनिया चिल्हनिया की शीघ्र जांच कराने, दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने, नियमित शिक्षण व्यवस्था बहाल करने तथा मदरसा भवन को अविलंब सुदृढ़ कराने की मांग की है।अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। टेढ़ागाछ बीडीओ अजय कुमार ने बताया कि मदरसा में लापरवाही को लेकर जानकारी प्राप्त हुई हैं जिसके बाद संबंधित पदाधिकारी को जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
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