किशनगंज में नाबालिग लड़की की मौत पर परिजनों का फूटा आक्रोश
किशनगंज में नाबालिग लड़की की मौत पर परिजनों का फूटा आक्रोश किशनगंज में नाबालिग लड़की की मौत पर परिजनों का फूटा आक्रोश

किशनगंज। संवाददाता किशनगंज जिले में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत के विरोध में सोमवार की रात परिजनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित लोगों ने सोमवार रात सदर अस्पताल के समीप जोरदार हंगामा किया और गांधी चौक जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।
प्रदर्शन और हंगामा
सड़क जाम और हंगामे के कारण पूरे इलाके में काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आक्रोश का मुख्य कारण शव का पोस्टमार्टम रात के बजाय अगले दिन सुबह कराने की बात पर था। हालांकि विरोध के बाद डीएम विशाल राज के निर्देश पर सोमवार की रात को ही मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। लोगों का कहना था कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसमें देरी नहीं की जानी चाहिए थी। स्थानीय नेताओं और मृतका के परिजनों ने प्रशासन के इस ढुलमुल रवैए पर कड़ी आपत्ति जताई और न्याय की मांग को लेकर सदर अस्पताल के मेन गेट पर धरना पर बैठ गए। घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर व किशनगंज सदर थानाध्यक्ष निसार अहमद भी मौके पर पहुंचे। लेकिन गुस्साए लोग वरीय अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद एसडीएम अनिकेत कुमार,एसडीपीओ वन खुसरू सिराज,ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार व सर्किल इंस्पेक्टर राजा भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। काफी मशक्कत के बाद लोग शांत हुए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा नेता सुशांत गोप ने कहा-
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुशांत गोप ने कहा कि यह साफ तौर पर एक मासूम बच्ची की निर्मम हत्या का मामला है। प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम को सुबह तक टालने की बात कही जा रही थी, जो पूरी तरह से निंदनीय और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। हम इस ढीली कार्रवाई के विरोध में ही सदर अस्पताल के पास सड़क मार्ग अवरुद्ध करने पर मजबूर हुए हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुशांत गोप व मृतक नाबालिग लड़की के परिजनों ने केस के अनुसंधानकर्ता पर भी नाबालिग लड़की को ढूंढने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर अनुसंधानकर्ता अच्छे से खोजबीन करते तो बच्ची जीवित रहती। अनुसंधानकर्ता को निलंबित करना चाहिए।
विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक अमित मंडल ने कहा कि नाबालिग लड़की को ढूंढने में अनुसंधानकर्ता के द्वारा लापरवाही बरती गई है। समाजसेवी टीटू बदवाल व विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक मनोज गट्टानी ने कहा कि किशनगंज एक शांत इलाका रहा है, और हम किसी भी कीमत पर किशनगंज को अशांत जिला नहीं बनने देंगे। एक 13 साल की नाबालिग लड़की की हत्या कर दी जाती है और प्रशासन सुबह पोस्टमार्टम की बात कहकर मामले को टालना चाहता है। हम त्वरित कार्रवाई की मांग करते हैं। सदर अस्पताल पहुंचे राजद के प्रदेश महासचिव दानिश इकबाल ने भी नाबालिग लड़की की मौत पर दुख प्रकट किया।
शव की पहचान
मझिया नदी के समीप सोमवार को 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के शव की पहचान किशनगंज शहर के डुमरिया भट्टा निवासी मनोज साह की 13 वर्षीय पुत्री मेनका कुमारी के रूप में की गई। डुमरिया भट्टा वार्ड नंबर 29 से 13 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हुई थी। वह 28 मई की शाम करीब 4:00 बजे अपने घर से यह कहकर निकली थी की वह पास के मैदान में टहलने जा रही है। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी। तब परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं मिला था। 30 मई को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी।
प्रशासन का बयान
एसडीपीओ वन खुसरू सिराज ने कहा कि सोमवार की देर रात में सड़क जाम की सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने अनुसंधानकर्ता पर लापरवाही का जो आरोप लगाया है,उसकी जांच करवाई जाएगी। फिलहाल शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
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