Hindi NewsBihar NewsKishanganj NewsNegligence in Site Inspections Using BRRMS App Raises Concerns in Kishanganj Rural Works Department
ग्रामीण कार्य विभाग के 24 सहायक व कनीय अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब

ग्रामीण कार्य विभाग के 24 सहायक व कनीय अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब

संक्षेप:

किशनगंज ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन चल रही योजनाओं के निरीक्षण में लापरवाही उजागर, अधीक्षण अभियंता ने लापरवाह अभियंताओं से मांगा जवाब

Jan 12, 2026 01:19 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, किशनगंज
share Share
Follow Us on

किशनगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्य अंचलों में बीआरआरएमएस ऐप द्वारा स्थल निरीक्षण कार्यों में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। विभागीय आदेशों की अवहेलना और कार्यों में शिथिलता के कारण अधीक्षण अभियंता संजय कुमार ने संबंधित अभियंताओं से स्पष्टीकरण की मांग की है। यह घटना सरकारी कार्यों में अनुशासनहीनता को दर्शाती है, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर, ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता ने विभागीय कार्यों की गंभीर अवहेलना के आरोप में एक पत्र जारी किया है, जिसमें सहायक अभियंता और कनीय अभियंताओं द्वारा बीआरआरएमएस ऐप के माध्यम से स्थल निरीक्षण कार्यों में लापरवाही का जिक्र किया गया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पत्र के अनुसार विभागीय कार्यों में निष्क्रियता और असंवेदनशीलता के कारण सहायक व कनीय भियंताओं से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। विभागीय निर्देशानुसार हर माह सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को अपने क्षेत्राधीन योजनाओं का शत-प्रतिशत निरीक्षण बीआरआरएमएस ऐप के माध्यम से करना अनिवार्य है। लेकिन नवम्बर और दिसम्बर 2025 के निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि विभिन्न कार्य अंचलों के अभियंता इस निर्देश का पालन करने में असफल रहे हैं। निरीक्षण की लापरवाही और कार्यों में अव्यवस्था पत्र में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया गया है कि जोकीहाट और कुर्साकाटा के सहायक अभियंताओं ने जहां 75% निरीक्षण किया, वहीं अन्य कार्य अंचलों जैसे अररिया, रानीगंज, ठाकुरगंज, पोठिया और सिकटी में निरीक्षण प्रतिशत 0% से 40% तक ही सीमित रहा। यह स्थिति दर्शाती है कि विभागीय आदेशों का गंभीरता से पालन नहीं किया गया और कार्यों में सुस्ती आई, जिससे विभागीय कार्यों में अव्यवस्था फैली। विभागीय अधिकारी के मुताबिक सरकारी योजनाओं का सही ढंग से निरीक्षण नहीं होने पर उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। अधीक्षण अभियंता ने की कड़ी टिप्पणी अधीक्षण अभियंता ने इस पत्र में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह विभागीय आदेशों की खुली अवहेलना है और यह सरकारी कार्यों की गंभीरता को चुनौती देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर संबंधित अभियंता 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सिस्टम में सुधार की आवश्यकता यह घटना न केवल विभागीय कार्यों में शिथिलता और लापरवाही का संकेत देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कार्यों में अनुशासन बनाए रखने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। बीआरआरएमएस ऐप का सही तरीके से उपयोग करने से कार्यों की गुणवत्ता और गति में सुधार हो सकता था, लेकिन इस लापरवाही से न केवल योजनाओं के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई, बल्कि जनहित में होने वाले कामों में भी देरी हुई। यह स्थिति ग्रामीण कार्य विभाग की कार्य संस्कृति और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है। अब यह देखना होगा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई की जाती है और क्या विभाग में वास्तविक सुधार लाने के लिए कदम उठाए जाते हैं या फिर स्पष्टीकरण तक ही कार्रवाई सीमित रह जायेगी। अब उच्च अधिकारियों के लिए यह चुनौती होगी कि वे इस मुद्दे पर क्या कार्यवाही करते हैं और क्या वे विभागीय सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। बीआरआरएमएस ऐप के माध्यम से स्थल निरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के कारण किशनगंज व अररिया जिले के 13 सहायक अभियंता व 11 कनीय अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब करते हुए जवाब मांगा गया है। इनके द्वारा विभागीय आदेश की अवहेलना करते हुए निरीक्षण कार्य में शिथिलता व लापरवाही बरती गयी है। जो सरकारी कार्य के प्रति इनकी मनमानी व स्वेच्छारिता को दर्शाता है। ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जायेगी। - संजय कुमार, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग।