समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच और उपचार से बदल रही हृदय रोग पीड़ित बच्चों की जिंदगी

Newswrap हिन्दुस्तान, किशनगंज
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समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच और उपचार से बदल रही हृदय रोग पीड़ित बच्चों की जिंदगी समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच और उपचार से बदल रही हृदय रोग पीड़ित बच्चों

समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच और उपचार से बदल रही हृदय रोग पीड़ित बच्चों की जिंदगी

किशनगंज। वरीय संवाददाता आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी अक्सर गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है, लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं बाल हृदय योजना ऐसे परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच, इलाज और बड़े अस्पतालों तक सुरक्षित पहुँच उपलब्ध कराकर यह योजना अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के संकल्प को साकार कर रही है। जिले में लगातार ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कई मासूम बच्चों को नया जीवन मिल रहा है。

दो बच्चों को इलाज के लिए आईजीआईसी पटना भेजा गया

इसी क्रम में रविवार को किशनगंज जिले के जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित एक मरीज अल्फाज हुसैन को एम्बुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल किशनगंज से इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईसी), पटना भेजा गया। वहीं एक अन्य मरीज शिवांश कुमार ट्रेन के माध्यम से पटना रवाना हुए। दोनों बच्चों का डिवाइस क्लोजर 20 एवं 21 मई को आईजीआईसी पटना में किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के सुरक्षित रेफरल

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के सुरक्षित रेफरल, समुचित चिकित्सकीय समन्वय एवं परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया। आरबीएसके टीम लगातार बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि उपचार प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।

गांव-गांव तक पहुँच रही आरबीएसके टीम

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिलेभर में आरबीएसके की टीम स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर रही है। जांच के दौरान जन्मजात हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में नि:शुल्क उपचार के लिए भेजा जाता है।

आरबीएसके एवं बाल हृदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि आरबीएसके एवं बाल हृदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि कई परिवार महंगे इलाज के कारण बच्चों का उपचार नहीं करा पाते थे, लेकिन अब सरकार द्वारा नि:शुल्क जांच, रेफरल, ऑपरेशन एवं परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में सांस फूलना, बार-बार बीमार पड़ना, कमजोरी या हृदय संबंधी लक्षण दिखाई दें तो तत्काल जांच कराएं।

हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता

जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। बाल हृदय योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी बच्चे का इलाज आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो।

आरबीएसके टीम द्वारा लगातार समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान

उन्होंने बताया कि आरबीएसके टीम द्वारा लगातार समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान हो सके और उन्हें समय पर उपचार मिल सके।

कई परिवारों के चेहरे पर लौट रही मुस्कान

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में अब तक कई बच्चों का सफल उपचार कराया जा चुका है। समय पर सर्जरी एवं डिवाइस क्लोजर के बाद बच्चे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं, जिससे परिवारों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान और उचित उपचार से जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। आरबीएसके और बाल हृदय योजना न केवल बच्चों को नया जीवन दे रही है, बल्कि यह भी साबित कर रही है कि संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक भी आशा और भरोसा पहुँचा सकती है।

सामान्य प्रश्न

आरबीएसके टीम बच्चों की स्वास्थ्य जांच कैसे करती है?
आरबीएसके की टीम स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर रही है।
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