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बच्चे को रात में कम से कम दो बार माताएं कराएं स्तनपान: डॉ शबनम

बच्चे को रात में कम से कम दो बार माताएं कराएं स्तनपान: डॉ शबनम किशनगंज,

बच्चे को रात में कम से कम दो बार माताएं कराएं स्तनपान: डॉ शबनम
हिन्दुस्तान टीम,किशनगंजTue, 05 Dec 2023 12:01 AM
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बच्चे को रात में कम से कम दो बार माताएं कराएं स्तनपान: डॉ शबनम
किशनगंज, एक प्रतिनिधि। नियमित टीकाकरण से वंचित दो साल तक के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित करने के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी सेविका सहित नजदीकी माताओं के साथ बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के ठाकुरगंज प्रखंड के भैलागुरी के आंगनबाड़ी केंद्र में माता बैठक का आयोजन किया गया।

माता बैठक का उद्देश्य गांव की गर्भवती महिला व धात्री माताओं के माध्यम से बच्चों के नियमित टीकाकरण, स्तनपान तथा उन्हें ऊपरी आहार तथा साफ सफाई रखने सहित अन्य तमाम जानकारी देना है । गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, एनीमिया की जांच कराने तथा आयरन, फॉलिक एसिड, कैल्सियम का नियमित सेवन करने सहित पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई। माता बैठक में गांव की सभी महिलाओं को आमंत्रित किया जाता और टीकाकरण के बारे में उन्हें जानकारी दी जाती है। साथ ही आसपास के लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की अपील की जाती है। सिविल सर्जन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कई तरह की योजनायें चलायी जा रही हैं । इसी क्रम में आंगनबाड़ी केन्द्रों में माता बैठक का आयोजन किया गया है। उन्होंने गर्भवती माताओं को नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी आशा अपने क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर नवजात शिशुओं की उचित देखभाल के लिए प्रेरित करें तथा नवजात बच्चे की मां को जानकारी दें। विभिन्न माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है । इस दौरान माता और शिशु मृत्यु दर को कैसे कम किया जाए, गर्भवती व धात्री माताओं के टीकाकरण के साथ.साथ प्रसव के दौरान अस्पताल ले जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सदर अस्पताल में पदस्थापित महिला चिकित्सक डॉ .शबनम यास्मिन ने बताया कि माता बैठक में एएनएम द्वारा माताओं को समझाया जाता है कि जन्म के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक शिशुओं को स्तनपान करने को सीखने में समय लगता है। ऐसे में हो सकता है कि कम अंतराल पर दूध पिलानी पड़े। लेकिन धीरे-धीरे तीन-चार घंटे का एक चक्र बन जाता और रात को भी मां को कम से कम दो बार बच्चे को स्तनपान कराना आवश्यक है।

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