
टेढ़ागाछ प्रखंड की अधिकांश आबादी रोजगार के लिए पलायन को विवश
टेढ़ागाछ। एक संवाददाता टेढ़ागाछ प्रखंड की अधिकांश आबादी के लिए पलायन कोटेढ़ागाछ प्रखंड की अधिकांश आबादी के लिए पलायन कोटेढ़ागाछ प्रखंड की अधिकांश आबादी
टेढ़ागाछ। एक संवाददाता भारत-नेपाल सीमा पर स्थित टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में लोगों का पलायन एक गंभीर मुद्दा है। लोग हर वर्ष काफी संख्या में रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में रोजगार के लिए जाने को मजबूर हैं। टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश लोग जीविकोपार्जन के लिए खेती मजदूरी पर निर्भर रहते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि क्षेत्र में रोजगार की कमी है। किशनगंज जिले में सबसे अधिक आर्थिक पिछड़ा इलाका टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र है। रोजगार की तलाश में जिले में सबसे अधिक पलायन इसी क्षेत्र से होता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लोग कुछ पैसों के लिए दूसरे राज्यों में काम की तलाश में इधर-उधर भटकते हैं।

क्षेत्र में एक भी छोटा-मोटा उद्योग कारखाना की कमी है। एक टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के लोग कनकई और रतवा नदी से होने वाली तबाही से परेशान रहते हैं तो वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी की समस्या क्षेत्र में दिन प्रति दिन दूसरे राज्यों में पलायन का मुख्य कारण बनता जा रहा है। आज भी अधिकांश लोगों के घर टीना या बास बल्ली के ही नजर आते हैं । कई माता-पिता आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को विद्यालय की जगह दूसरे राज्यों या स्थानीय दुकानदारों के पास काम पर भेजने को मजबूर हैं। टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के सभी 12 पंचायत की स्थिति रोजगार की समस्या से ग्रस्त है। टेढ़ागाछ में बाढ़ व कटाव से किसान नुकसान के बाद मजदूरी करने को विवश हो गये। उनकी खेती व जमीन नदी में कट जाने की वजह से आर्थिक स्थिति को बनाये रखने के लिए मजदूरी तक को बाध्य हो गये। दर्जनों परिवार घर बाढ़ में खत्म हो जाने की वजह से किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। क्षेत्र के लाखो की आबादी में मनरेगा द्वारा लगभग दो हजार लोगों को ही काम मिल पाता है। काम के बदले केवल उन मजदूरों को प्रत्येक दिन की मजदूरी 245 रुपए ही मिलते हैं और इतने कम रुपए में घर चला पाना संभव नहीं हो पाता। लोगों की मांग है कि टेढ़ागाछ पिछड़ा इलाका है। यहां बुनियादी सुविधाओं की तुलनात्मक कमी है। यहां रोजगार के लिए सरकार को पहल करना चाहिए। उद्योग धंधा लगना चाहिए ताकि लोगों को रोजगार मिल सके। किसानों की समस्या को दूर करना चाहिए। नदी कटाव व बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए ताकि यहां के लोगों को रोजगार की तलाश के लिए पलायन नहीं करना पड़े। इस संबंध में बहादुरगंज विधायक अंजार नइमी ने माना कि टेढ़ागाछ में रोजगार की कमी है। हमारे यहां के किसान एवं मजदूर इतने कर्मठ और लगनशील होने के बावजूद पलायन करने को मजबूर हैं। क्षेत्र में धान एवं जूट की खेती काफी पैमाने पर होती है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र राइस मिल, जूट मिल स्थापित कर यहां के किसानों एवं मजदूरों की स्थिति में सुधार लाने का कार्य किया जाना चाहिए। जिससे क्षेत्र से पलायन रोका जा सकता है।

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