
सारथी रथ, हेल्थ मेला और विशेषज्ञ परामर्श से फैली भ्रांतियों को तोड़ने का प्रयास
परिवार नियोजन से अभियान की सफलता के लिए सारथी रथ रवानासारथी रथ, हेल्थ मेला और परामर्श से फैली भ्रांतियोंसारथी रथ, हेल्थ मेला और परामर्श से फैली भ्रांत
किशनगंज । एक प्रतिनिधि जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम को मजबूती देने के लिए चल रहा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा अभियान की सफलता के लिए शुक्रवार को जिले के ठाकुरगंज सीएचसी में व्यापक जागरूकता गतिविधियों आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जहां जनसंख्या स्थिरीकरण है। वहीं मातृ और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।परिवार नियोजनमें महिलाओं पर पड़ने वाले अनावश्यक भार को कम करना और समाज में संतुलित, सतत विकास की राह तैयार करना है। सारथी रथ और हेल्थ मेला से जागरूक हो रही जनता ठाकुरगंज सीएचसी परिसर में आयोजित स्वास्थ्य मेला ने बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया। मेले में परिवार नियोजन के सभी उपलब्ध विकल्पों पर चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत परामर्श दिया गया, विशेषकर पुरुष नसबंदी से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी, प्रक्रिया की सरलता, सुरक्षा और भ्रांतियों के समाधान को प्रमुखता से साझा किया गया।दूसरी
ओर सारथी रथ को विशेष रूप से जागरूकता के लिए रवाना किया गया। यह रथ विभिन्न पंचायतों, बाजार क्षेत्रों और मुख्य मार्गों से होकर गुजरा और आमजन को पुरुष नसबंदी के महत्व एवं लाभों के बारे में संदेश देकर प्रेरित करता रहा।इस पहल ने कई लोगों के मन में उठ रहे सवालों और आशंकाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुरुषों की सहभागिता से महिलाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित :प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान ने कहा कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है। पुरुषों द्वारा नसबंदी अपनाने से महिलाओं पर पड़ने वाला शारीरिक और मानसिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है। हमारा प्रयास है कि समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर किया जाए और पुरुषों को परिवार नियोजन में बराबर की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाए। सिविल सर्जन डॉ.राजकुमार चौधरी ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पद्धति है। इस प्रक्रिया से पुरुष की क्षमता, शक्ति या स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। समाज में फैली भ्रांतियों और अफवाहों को दूर करने के लिए हमें निरंतर संवाद और जागरूकता की आवश्यकता है। परिवार नियोजन विकास की है बुनियाद: सिविल सर्जन डॉ.राजकुमार चौधरी ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड को अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप गंभीरता से कार्य करना होगा। पुरुष नसबंदी पखवाड़ा हमारे लिए एक अवसर है कि हम पुरुषों के बीच जागरूकता और जिम्मेदारी को व्यापक स्तर पर बढ़ा सकें। स्वास्थ्य विभाग, सहयोगी संस्थाओं और प्रखंड प्रशासन को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना है।

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