
अवैध उगाही में एएनएम मनोरमा सिन्हा बर्खास्त
किशनगंज के सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता के परिजनों से अवैध पैसे वसूलने पर एएनएम मनोरमा सिन्हा को बर्खास्त किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। जांच में उनके द्वारा पैसे मांगने की पुष्टि हुई, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
किशनगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। किशनगंज जिले के सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) किशनगंज, बेलवा में प्रसव के बाद प्रसूता के परिजनों से अवैध रूप से पैसे वसूलने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की जांच के बाद जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति विशाल राज ने संविदा आधारित एएनएम मनोरमा सिन्हा को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। दो सदस्यीय टीम ने की मामले की जांच प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पीएचसी किशनगंज (बेलवा) के लेबर रूम में कार्यरत एएनएम मनोरमा सिन्हा प्रसव के उपरांत प्रसूता के परिजनों से अवैध राशि मांगते और पैसे लेते हुए दिखाई दे रही थीं।

वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने ज्ञापांक 3923/जि.गो. दिनांक 10.12.2025 के तहत मामले की जांच का आदेश दिया। जांच की जिम्मेदारी जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-वरीय प्रभारी पदाधिकारी, किशनगंज प्रखंड तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपी गई। जांच में सच पाया गया अवैध उगाही का मामला जांच प्रतिवेदन जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा ज्ञापांक 1181/जि.परि. दिनांक 11.12.2025 को समर्पित किया गया। जांच के दौरान एएनएम मनोरमा सिन्हा ने अपने स्वलिखित बयान में स्वीकार किया कि प्रसव कराने के बाद मरीजों के परिजन कभी खुशी में चाय पिला देते हैं तो कभी 50झ्र100 रुपये भी दे देते हैं। उनके इस बयान से वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि हुई और यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने पैसे लिए थे। जांच रिपोर्ट में इस कृत्य को रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की श्रेणी में माना गया। डीएम के कड़े रुख से घूसखोर स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप प्रमाणित आरोपों के आधार पर कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी विशाल राज ने एएनएम मनोरमा सिन्हा (मूल पदस्थापन स्वास्थ्य उपकेंद्र मोतीहारा, प्रतिनियुक्ति पीएचसी किशनगंज, बेलवा) का संविदा एकरारनामा रद्द कर उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर दिया। बर्खास्तगी की सूचना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला स्तर तथा राज्य स्तर तक भेज दी गई है। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट संदेश गया है और घूसखोर स्वास्थ्य कर्मियों में खलबली मच गई है।

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