
शीतलहर जारी, जनजीवन प्रभावित, स्कूल 12 जनवरी तक बंद रहेंगे
किशनगंज जिले में ठंड और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हुआ है। डीएम विशाल राज ने 12 जनवरी तक कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। ठंड के कारण लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, जिससे दैनिक मजदूरों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किशनगंज। किशनगंज जिले में शीतलहर का कहर जारी है। भीषण ठंड व शीतलहर से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। शुक्रवार बर्फीली हवा ने लोगों की हाड़ कंपकंपा दी। पारा गिरने से पूरे दिन ठिठुरन रही, लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई है। शुक्रवार न्यूनतम तापमान 9 डिग्री व अधिकतम तापमान 15 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जिले में पड़ रही अत्याधिक ठंड को देखते हुए डीएम विशाल राज ने जिला के सभी निजी सरकारी विद्यालयों,प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं कोचिंग संस्थान में वर्ग 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर अब 12 जनवरी तक तक प्रतिबंध लगा दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी दो-तीन दिनों तक शीतलहर से राहत नहीं मिलने वाली है।
कोहरा भी छाया रह सकता है। कोहरा के साथ सर्द हवा के चलते ठिठुरन बढ़ गई। शीतलहर से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। चौक-चौराहों सहित लोग घर में भी अलाव जला रहे हैं। वहीं अधिकांश घरों में हीटर, ब्लोअर चलाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड और ठिठुरन भरी हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड से राहगीरों, दैनिक मजदूरों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 12 जनवरी तक वर्ग 8 तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित किशनगंज। जिले में पड़ रही अत्याधिक ठंड को देखते हुए डीएम विशाल राज ने जिला के सभी निजी सरकारी विद्यालयों,प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं कोचिंग संस्थान में वर्ग 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर अब 12 जनवरी तक तक प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पूर्व 9 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया गया था। वहीं वर्ग 8 से ऊपर की कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियां 10 बजे से 3 बजे तक की जा सकती है। डीएम का यह आदेश मात्र शैक्षणिक गतिविधियों पर लागू होगा तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन यथावत् किया जाता रहेगा। साथ ही प्री-बोर्ड, बोर्ड परीक्षा हेतु संचालित किए जाने वाले विशेष कक्षाओं का संचालन इससे मुक्त होगा। ठंड के कारण कम तापमान की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण विद्यालयों के छात्रों के स्वास्थ्य एवं जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना है। यहां बता दें कि जिले में लगातार पड़ रही भीषण ठंड को लेकर इससे पूर्व 9 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया गया था। 9 जनवरी के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं होने पर डीएम श्री राज ने फिर से कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 12 जनवरी तक तक प्रतिबंध लगा दिया है। सुबह व शाम छाया रहता है घना कोहरा सुबह और शाम के समय घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों को घरों में लोगों को दुबकने पर मजबूर कर रही हैं। विशेषकर उन लोगों के लिए यह ठंड परेशानी साबित हो रही थी, जिनके पास पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं हैं या जिन्हें खुले में काम करना पड़ता है। दैनिक मजदूर, ईिरक्शा चालक, ठेले वाले और रात में यात्रा करने वाले राहगीर इस शीतलहर से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे थे। वही रेफरल अस्पतालों में भी सर्दी-जुकाम और अन्य ठंड जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा था। अलाव बना कड़ाके की ठंड से बचाव का सहारा जिले में कड़ाके की ठंड ने धीरे-धीरे अपना विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। ठंड और सर्द हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक कनकनी बनी रहने के कारण लोगों के लिए ठंड से बचाव एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में अलाव लोगों के लिए ठंड से राहत पाने का प्रमुख सहारा बन गया है।

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