
स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए डीएम ने की मैराथन बैठक
जिला पदाधिकारी के अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक में सभी कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान दिए कई महत्वपूर्ण निर्देशस्वास्थ्य सेवाओं
किशनगंज । एक प्रतिनिधि जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में जिला पदाधिकारी डॉ. विशाल राज गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठकों की अध्यक्षता की और सभी कार्यक्रमों की गहन समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। बैठक में स्वास्थ्य से जुड़े सभी प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा हुई। बैठक में टीकाकरण, परिवार नियोजन, कृमि मुक्ति अभियान, टीबी उन्मूलन, एनसीडी स्क्रीनिंग, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की सेवाएं और यू-विन पोर्टल के प्रदर्शन सहित कई बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। परिवार नियोजन पखवाड़ा की समीक्षा की बैठक में परिवार नियोजन पखवाड़ा की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को महिला नसबंदी, पुरुष नसबंदी और एमसीपी जैसे लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर जागरूकता गतिविधियां चलाई जानी परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का उपाय नहीं बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा का माध्यम है। हर दंपती को अपनी आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। कृमि मुक्ति अभियान को सफल बनाने की अपील बैठक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर हर बच्चे को कृमि मुक्ति की दवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेन्द्र कुमार ने कहा कृमि संक्रमण बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। सामूहिक प्रयास से ही हम शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पाएंगे। टीबी मुक्त भारत और एनसीडी स्क्रीनिंग पर विशेष बल: बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान और एनसीडी स्क्रीनिंग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, इसलिए रोगियों की पहचान, नोटिफिकेशन और उपचार की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने एनसीडी स्क्रीनिंग में भी सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की भूमिका और टेली-कंसल्टेशन बैठक में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की कार्यप्रणाली और सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का यही सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एचडब्लूसी में दवाओं और जांच सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। महामारी विशेषज्ञ रीना प्रवीण ने कहा की हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए दूरस्थ इलाकों के मरीजों तक विशेषज्ञ परामर्श पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। टेली-कंसल्टेशन का उपयोग और बढ़ाने की जरूरत है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी, जिला संक्रामक रोग पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, महामारी विशेषज्ञ रीना प्रवीण, डब्ल्यूएचओ के डॉ. प्रीतम घोष, यूनिसेफ के एजाज अफजल, सभी बीएचएम-बीसीएम एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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