इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पिलरों की स्थिति जांचने के लिए होगा सर्वें, तैयारी तेज
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पिलरों की स्थिति जांचने के लिए होगा सर्वें, तैयारी तेज इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पिलरों की स्थिति जांचने के लिए होगा सर्वें, तैयारी तेज

किशनगंज। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को सिलीगुड़ी के खपरैल मोड़ स्थित एसएसबी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता किशनगंज के डीएम विशाल राज ने की, जिसमें भारत और नेपाल के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में बिहार के किशनगंज डीएम सहित अररिया और सुपौल जिलों के अधिकारी, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग तथा सिक्किम के प्रशासनिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, नेपाल की ओर से झापा, इलाम और पंचधार जिलों के मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) और अन्य संबंधित पदाधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के आईजी वंदन सक्सेना और सर्वे ऑफ इंडिया के डिप्टी कमिश्नर आदि ने भी भाग लिया।बॉर्डर सर्वे के दौरान पिलरों की वर्तमान स्थिति का होगा आकलनबैठक का मुख्य एजेंडा भारत-नेपाल सीमा पर स्थापित बॉर्डर पिलरों की वर्तमान स्थिति का आकलन करना था। अधिकारियों ने सीमा पर स्थित पिलरों के क्षतिग्रस्त होने, उनके स्थानांतरण या गायब होने जैसी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही यह भी तय किया गया कि सर्वे के दौरान पिलरों की सटीक लोकेशन, उनकी भौतिक स्थिति और सीमा रेखा के निर्धारण की प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से पूरा किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सर्वे का कार्य जल्द ही जमीनी स्तर पर शुरू किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त पिलरों की मरम्मत, नए पिलरों की स्थापना और सीमा के पुन: डी-मार्केशन का कार्य किया जाएगा। इससे न केवल सीमा विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी, बल्कि सीमा सुरक्षा भी और मजबूत होगी।गृह मंत्री के सीमांचल दौरे के दौरान उठा था यह मुद्दाउल्लेखनीय है कि पिछले महीने गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे के दौरान हुई उच्चस्तरीय बैठक में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। उसी के तहत अब यह सर्वे अभियान शुरू किया जा रहा है। सीमा से जुड़े जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पहल को दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। बता दें कि बिहार के सात जिले किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण से नेपाल की सीमा लगती है।बोले एसएसबी के आईजीगृह मंत्रालय के निर्देशानुसार भारत-नेपाल सीमा के पिलरों के सर्वे की तैयारी पूरी कर ली गई है और जल्द ही इसे जमीन पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वे का उद्देश्य सीमा पिलरों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है, ताकि जहां पिलर क्षतिग्रस्त या विस्थापित हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई की जा सके। सर्वे के बाद पिलरों की मरम्मत, पुनस्र्थापन और सीमा के स्पष्ट निर्धारण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।-वंदन सक्सेना, एसएसबी के आईजी
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