
दफ्तरी ग्रुप पर फिर इनकम टैक्स का शिकंजा, ढाई किलो सोना जब्त
संक्षेप: दफ्तरी ग्रुप पर फिर इनकम टैक्स का शिकंजा, ढाई किलो सोना जब्त दफ्तरी ग्रुप पर फिर इनकम टैक्स का शिकंजा, ढाई किलो सोना जब्त
किशनगंज। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि किशनगंज के चर्चित कारोबारी दफ्तरी ग्रुप पर एक बार फिर इनकम टैक्स विभाग ने कार्रवाई की है। डिप्टी कमिश्नर सुनीता कुमारी के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम ने शनिवार को दफ्तरी ग्रुप के धर्मशाला रोड स्थित आवासीय परिसर सहित ठिकानों पर में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने ढाई किलो सोने हीरे के जेवरात सहित अन्य कीमती सामान जप्त किया है। लगातार दूसरी बार दफ्तरी ग्रुप पर आयकर विभाग की यह छापेमारी जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह मामला न केवल बड़े पैमाने पर संपत्ति छिपाने का संकेत देता है, बल्कि क्षेत्र में कर चोरी के नेटवर्क के विस्तार की ओर भी इशारा करता है।

विभाग की कार्रवाई से कारोबारी जगत में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, विभाग को पहले से ही दफ्तरी ग्रुप के विभिन्न ठिकानों से कर चोरी और बेनामी संपत्ति से जुड़े इनपुट प्राप्त हुए थे। इसी आधार पर विभाग की विशेष टीम ने रविवार सुबह दफ्तरी ग्रुप के नेमचन्द्र रोड, धर्मशाला रोड स्थित ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। अगस्त में हुई थी 6 दिनों की बड़ी कार्रवाई गौरतलब है कि इसी वर्ष अगस्त महीने में आयकर विभाग ने दफ्तरी ग्रुप के ठिकानों पर लगातार छह दिनों तक छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में विभाग ने 100 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का दावा किया था। जांच के दौरान 5 किलो 500 ग्राम सोने और हीरे के जेवरात, नकद रुपये तथा जमीनों के डीड्स बरामद हुए थे। विभाग ने उस समय बताया था कि दफ्तरी ग्रुप रियल स्टेट, कपड़ा, फर्नीचर, होटल, रिसॉर्ट, वाहन और चाय बागान जैसे कई कारोबारों में सक्रिय है। कानूनन सीमा से अधिक सोना बरामद आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को कानूनी रूप से अपने घर में 500 ग्राम तक सोना रखने की अनुमति है। इससे अधिक मात्रा के लिए सोने के स्रोत का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। जांच के दौरान दफ्तरी ग्रुप के ठिकानों से मिली सोने की मात्रा इस सीमा से कई गुना अधिक पाई गई है। विभाग अब बरामद सोने और नकदी के स्रोत की जांच में जुट गया है। सिलीगुड़ी तक फैली जांच की जद अगस्त में चली कार्रवाई केवल किशनगंज तक सीमित नहीं थी, बल्कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित दफ्तरी ग्रुप के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे। वहां से भी कई अहम दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए थे, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है। क्या कहती हैं डिप्टी कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर सुनीता कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कर चोरी और अवैध लेन-देन से जुड़े कई प्रमाण मिले हैं। विभाग की टीम दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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