
छात्रों के लिए शिक्षा और शोध को नयी दिशा देगा मत्स्य संग्रहालय
मा्स्यियकी महाविद्यालय अर्राबारी में पद्मश्री डॉ. एस अयप्पन मत्स्य संग्रहालय का हुआ उद्घाटनछात्रों के लिए शिक्षा और को नयी दिशा देगाछात्रों के लिए शिक
पोठिया, निज संवाददाता पोठिया प्रखंड अंतर्गत मत्स्यकी महाविद्यालय अर्राबाड़ी के सातवें स्थापना दिवस के अवसर पर पद्मश्री डॉ. एस अयप्पन मत्स्य संग्रहालय का भव्य उद्घाटन मंगलवार को किया गया। कुलपति डॉ. इंदरजीत सिंह के उपस्थिति में मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ. रामेश्वर सिंह के कर कमलों द्वारा संग्रहालय का उद्घाटन किया गया। मत्स्य संग्रहालय का नामकरण देश के महान मत्स्य वैज्ञानिक एवं आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक पद्मश्री डॉ. एस अयप्पन के नाम पर किया गया। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की पूर्व प्रथम महिला उषा सिंह एवं विश्वविद्यालय की वर्तमान प्रथम महिला सविता चौधरी भी मौके पर मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रमन कुमार त्रिवेदी, निदेशक, छात्र कल्याण डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, डॉ. वी. पी. सैनी, अधिष्ठाता महाविद्यालय के साथ साथ बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षकगण, किसान, कर्मचारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस मत्स्य संग्रहालय में विभिन्न प्रजातियों की मछलियों के संरक्षित नमूने, उनके जैविक स्वरुप, जीवन चक्र, पोषण सम्बन्धी जानकारी तथा मत्स्य पालन एवं प्रग्रहण में उपयोग होने वाले नाव तथा जाल के नमूने भी प्रदर्शित किये गए है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल शैक्षिणिक दृष्टि से छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा बल्कि किसानो को भी आधुनिक मत्स्य पालन की विधियों से परिचित कराएगा। कुलपति डॉ इंदरजीत सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि यह संग्रहालय छात्रों के लिए व्यवहारिक शिक्षा का केंद्र बनेगा और किसानो तथा अन्य लोगो में मत्स्य पालन के प्रति रुझान बढ़ेगा। अधिष्ठाता डॉ. वी. पी. सैनी ने बताया की संग्रहालय न केवल बल्कि मत्स्य पालन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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