ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विचार-विमर्श
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कार्यशाला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कार्यशाला

ठाकुरगंज। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को प्रखंड कार्यालय सभागार में बैठक-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी अहमर अब्दाली ने की। बैठक में पंचायतों के स्वच्छता पर्यवेक्षक, विकास मित्र एवं पंचायत सचिवों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। बीडीओ ने कहा कि एक अप्रैल 2026 से लागू नई नियमावली के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को सुदृढ़ करना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पंचायतों में निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पंचायत सचिवों को अगले दस दिनों के भीतर खराब पड़े पैडल रिक्शा एवं ई-रिक्शा को दुरुस्त कराने तथा वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) सहित स्वच्छता परिसंपत्तियों का आवश्यक जीर्णोद्धार कराने का निर्देश दिया। वहीं स्वच्छता पर्यवेक्षकों को प्रतिदिन डब्ल्यूपीयू का निरीक्षण कर कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की नियमित निगरानी करने को कहा गया।बैठक में टोलों एवं गांवों में चौपाल और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार चलाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा पंचायतों में बड़े अपशिष्ट उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटर) की पहचान कर उनका पोर्टल पर पंजीकरण कराने तथा अपशिष्ट के संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीडीओ ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण एवं नियमों के कड़ाई से अनुपालन पर भी बल दिया। कार्यशाला में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सुधाकर कुमार, प्रखंड समन्वयक (स्वच्छता) रविकांत, कार्यपालक सहायक (स्वच्छता) रविंद्र कुमार, स्वच्छता वार रूम कर्मी मो. असरार आलम सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।
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