Kishanganj News: पांच दिवसीय बैंकिंग और पीएलआई के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मियों का प्रदर्शन
Kishanganj News: पांच दिवसीय बैंकिंग और पीएलआई के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मियों का प्रदर्शन पांच दिवसीय बैंकिंग और पीएलआई के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों

Kishanganj News: किशनगंज, संवाददाता। पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने और पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) के विरोध को लेकर शुक्रवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने एसबीआई मुख्य शाखा परिसर के पास जोरदार प्रदर्शन किया। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले आयोजित किया गया है। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार व प्रबंधन विरोधी नीतियां वापस लेने की मांग की। यूएफबीयू के जिला सचिव अभिषेक कुमार ने प्रदर्शन के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि बैंक कर्मी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है।
बैंकिंग क्षेत्र में समस्याएं
रीजनल कमिटी मेंबर सह एसबीआई पश्चिमपाली के शाखा प्रबंधक अनिकेत आनंद ने बताया कि एलआईसी सहित कई वित्तीय संस्थानों में फाइव डे वर्किंग विक की व्यवस्था है,तो बैंकिंग सेक्टर में भी ये व्यवस्था होनी चाहिए। बैंक कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए भी हमारी मांगे माननी चाहिए करे। मुख्य रूप से यूएफबीयू के जिला सचिव अभिषेक कुमार, वीरेंद्र कुमार भारती, आर्यन, अनिकेत कुमार,धर्मेंद्र कुमार सिंह,प्रदीप सिंह, दिलीप,सुजीत, निशांत, चंदन कुमार, अमित, विक्की, ब्रजेश, धर्मवीर,परवेज, विकास, सुजीत कुमार, अन्वेषा मंडल और प्रतीक्षा सहित बड़ी संख्या में विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
हड़ताल का प्रभाव
दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित
बैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण जिले में लेन देन का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। अनुमान लगाया जा रहा है कि किशनगंज जिले में करीब दो सौ करोड़ के लेन देन का कार्य प्रभावित हुआ है। शहर में 24 से ज्यादा विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं। जिसमे सभी मे करोड़ों रुपये का लेनदेन व व्यवसाय होता है। हड़ताल के कारण ये सभी कार्य प्रभावित हुएं हैं।
एटीएम से निकासी में परेशानी
एटीएम से रूपये निकासी में हुई परेशानी
ज़िले में एक दर्जन एसबीआई के एटीएम हैं । इसके अलावे अन्य बैंकों के भी एक दर्जन एटीएम हैं। कुछ एटीएम में रुपये निकासी के लिए लोग परेशान थे। बताया जाता है की कैश बंद से एक दिन पहले भरे गए थे। अब सोमवार को ही कैश भरे जाएंगे। बैंक कर्मी के द्वारा बताया गया कि हड़ताल व छुट्टी के मद्देनजर शुक्रवार को ही पर्याप्त मात्रा में कैस भरे गए थे
लोगों की समस्याएं
हड़ताल व बंदी के कारण लोग हुए परेशान
शुक्रवार को भी कुछ ग्राहक बैंक सम्बंधित कार्य के लिए बैंक तो पहुंचे। लेकिन बैंकों के मुख्य द्वार पर ताला लटका देख लोग बैरंग वापस लौट गयें। लोगों ने बताया कि रुपये की निकासी के लिए बैंक आया था। बेटा बाहर पढ़ता है। उसीके फीस के लिए रुपये भेजने थे। बैंक आया तो देखा बैंक में ताला लटका हुआ था। अब क्या करूं कुछ समझ मे नहीं आ रहा है। कोई इलाज के लिए, कोई घर खर्च के लिए तो कोई फीस के लिए रुपये निकालने व जमा करने आया था। शहर के कुछ व्यवसायियों ने बताया कि हमारा कारोबार बैंक पर भी आश्रित है। व्यवसाय को लेकर हमें प्रत्येक दिन बैंक में ही रुपए जमा करने होते है और निकासी भी करनी होती है,ऐसे में हमारा कारोबार भी प्रभावित हुआ है।


