
किशनगंज में सैनिक कैंप का विरोध संसद में, जावेद ने कहा- कहीं और बनाए सरकार
किशनगंज में प्रस्तावित सैनिक कैंप के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध संसद तक पहुंच गया है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लोकसभा में मांग की है कि सरकार कैंप को किशनगंज में कहीं और दूसरी जमीन पर बनाए।
किशनगंज में प्रस्तावित सैनिक कैंप के लिए कोचाधामन और बहादुरगंज में जमीन अधिग्रहण का विरोध पटना से दिल्ली तक पहुंच गया है। लोकसभा में शून्यकाल (जीरो आवर) के दौरान कांग्रेस के किशनगंज सांसद मोहम्मद जावेद ने सरकार से सैन्य कैंप को किशनगंज में कहीं और दूसरी जमीन पर बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो जमीन अभी लिया जा रहा है, वो किसानों की है और घनी आबादी वाला इलाका है। सांसद ने कहा कि सरकार कैंप को घनी आबादी से दूर इस कैंप को बनाए ताकि किसी को दिक्कत ना हो। पटना में इसको लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के विधायक भी काफी सक्रिय हैं और जिले में भी राजनीति गर्म है।
एआईएमआईएम के बहादुरगंज विधायक तौसिफ आलम ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर प्रस्तावित सैनिक स्टेशन को किसी अन्य जगह बनाने की मांग की थी। तौसिफ आलम ने कहा कि सैनिक स्टेशन बनाने के लिए लगभग 250 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है। मसले पर किशनगंज में भी खूब राजनीति हो रही है और सैनिक कैंप को किसी और जगह ले जाने की मांग चल रही है।
एआईएमआईएम के कोचाधामन और बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम और सरवर आलम ने गुरुवार को डीएम विशाल राज से भी इस मसले पर मुलाकात की थी। विधायकों ने ज्ञापन में डीएम से सैनिक कैंप स्थल के पुनर्निर्धारण की मांग की थी। बहादुरगंज विधायक ने कहा था कि प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण की जमीन ईदगाह, मस्जिद, कब्रिस्तान और आवासीय क्षेत्रों से जुड़ी है। स्थानीय लोगों की आजीविका पूरी तरह कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। भूमि अधिग्रहण से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो सकते है। पार्टी ने कहा है कि सैनिक स्टेशन के निर्माण की आवश्यकता और महत्व को समझते हुए स्थल पर पुनर्विचार जरूरी है। विधायक ने विवाद रहित और गैर आवासीय क्षेत्र में वैकल्पिक भूमि की पहचान करने की मांग की है।





