अवैध घुसपैठ पर किशनगंज कोर्ट का चला हंटर, बिना वीजा रह रहे अमेरिकी नागरिक को ढाई साल की जेल; भारी जुर्माना
Bihar News Today: किशनगंज की अदालत ने भारत में अवैध रूप से रह रहे अमेरिकी नागरिक शफीउल आलम को ढाई साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

Bihar News Today: बिहार के किशनगंज जिले से एक बेहद चौंकाने वाला कानूनी फैसला सामने आया है। यहां की एक स्थानीय अदालत ने भारत में अवैध तरीके से रह रहे एक अमेरिकी नागरिक को दोषी पाते हुए ढाई साल की कारावास की सजा सुनाई है। देश की सुरक्षा और विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास को लेकर कोर्ट ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सजा के साथ-साथ विदेशी नागरिक पर आर्थिक जुर्माना भी ठोंका गया है।
अपर जिला एवं सत्र कोर्ट ने सुनाया फैसला
यह फैसला किशनगंज के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने शनिवार को सुनाया। अदालत ने अमेरिकी नागरिक को बिना किसी वैध कागजात और वीजा के भारतीय सीमा के भीतर रहने का पूरी तरह दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी पर ढाई साल की जेल की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि दोषी विदेशी नागरिक जुर्माने की राशि नहीं भरता है, तो ऐसी स्थिति में उसे एक महीने की अतिरिक्त साधारण जेल की सजा काटनी होगी।
जानिए कौन है दोषी अमेरिकी नागरिक?
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सजा पाने वाले विदेशी नागरिक की पहचान 43 वर्षीय शफीउल आलम के रूप में की गई है। वह मूल रूप से अमेरिकी नागरिक है, जो यूएसए के न्यू जर्सी स्थित अटलांटा सिटी के नॉर्थ हार्डफोर्ट एवेन्यू, मकान संख्या 102 का रहने वाला है। खुफिया इनपुट्स और गुप्त सूचना के आधार पर वर्ष 2024 में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की 12वीं वाहिनी के जवानों ने उसे दिघलबैंक बाजार क्षेत्र से संदिग्ध हालत में दबोचा था। गिरफ्तारी के वक्त उसके साथ एक भारतीय युवक भी पकड़ा गया था, जो उसे पनाह देने में मदद कर रहा था।
नागरिकता अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था केस
एसएसबी द्वारा पकड़े जाने के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने शफीउल आलम की सघन तलाशी ली, तो उसके पास भारत में रहने के लिए कोई भी वैध पासपोर्ट, वीजा या कानूनी दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद दिघलबैंक थाना पुलिस ने विदेशी नागरिक के खिलाफ 'नागरिकता अधिनियम' की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस की विशेष टीम ने मामले की गहनता से तफ्तीश की और अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद शफीउल आलम को देश में अवैध प्रवास का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है।


