
नौकरी दिलाने के नाम पर लिए रुपए नहीं लौटाने पर अपहरण; ठगी का आरोपी नालंदा से बरामद
आरोपियों का कहना है कि संतोष और होटल मालिक ने मिलकर कई लोगों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर मोटी रकम वसूली थी। यही रकम वापस लेने के लिए संतोष का अपहरण किया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई थी।
राजधानी से अगवा किए गए ठगी के आरोपित को पुलिस और एसटीएफ की टीम ने नालंदा से सकुशल बरामद कर लिया है। नालंदा के इस्लामपुर के सहजना गांव से उसकी बरामदगी हुई है। इस मामले में एक महिला समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने के आरोपित संतोष कुमार का अपहरण बीते पांच जनवरी को हुआ था। उसे कोतवाली थाना क्षेत्र के इस्कॉन मंदिर के पास से अगवा किया गया था। संतोष के भाई दिलखुश कुमार ने बुद्धा कॉलोनी थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने बताया कि संतोष को अनुज, निशांत और विनोद नामक व्यक्ति ने पैसे के लेनदेन के बहाने इस्कॉन मंदिर के पास बुलाया। वहां से उसे बाइक पर बैठाकर पहले रामकृष्णानगर ले गए। वहां से एक कार बुक किया और उसमें बिठाकर बिहारशरीफ ले गए। जहां उसके साथ मारपीट की गई। बाद में उसे नालंदा के इस्लामपुर इलाके में एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था। संतोष पटना के नागेश्वर कॉलोनी स्थित एक होटल में काम करता है। वह नौकरी दिलाने वाले एक कथित नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोपियों का कहना है कि संतोष और होटल मालिक ने मिलकर कई लोगों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर मोटी रकम वसूली थी। यही रकम वापस लेने के लिए संतोष का अपहरण किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनसे और अन्य अभ्यर्थियों से सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई थी। इसमें लगभग 67 लाख रुपये नकद और बाकी रकम बैंक खातों में मंगाई गई थी। अनुज नामक आरोपी ने पुलिस को बताया कि संतोष ने उसकी मुलाकात राकेश कुमार रंजन नाम के व्यक्ति से कराई थी, जिसने समाज कल्याण विभाग में सचिवालय सहायक पद पर नौकरी पक्की होने का भरोसा दिया। नौकरी नहीं मिलने पर अपने पैसे वापस लेने के लिए संतोष पर दबाव बनाने के लिए उसे उठा ले गए थे।
सेंट्रल एसपी दीक्षा ने बताया कि संतोष कुमार नौकरी के नाम पर कई लोगों से रुपये लिए हैं। रुपये मांगने पर काफी समय से टालमटोल कर रहे थे। लौटा नहीं रहे थे। संतोष के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अपहरण, अवैध हिरासत और ठगी से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है। नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।





