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उद्धारक की तलाश में विज्ञान भवन

उद्धारक की तलाश में विज्ञान भवन

महेशखंूट पंचायत भवन के पास कचहरी परिसर में चार दशक पूर्व बनी विज्ञान भवन आज उद्धारक का बाट जोह रहा है। भवन इस कदर जर्जर है कि कभी भी ध्वस्त हो सकता है। भवन की दीवार के नीचे के भाग की ईंट निकल गयी है। बताया गया कि बच्चों के मानसिक व बौद्धिक विकास को लेकर चार दशक पूर्व सरकार की ओर से विज्ञान भवन का निर्माण कराया गया था। उस समय लोगों में इस बात को लेकर खुशी थी कि अब बच्चों को ज्ञान व विज्ञान की जानकारी व शिक्षा इसी भवन में मिलेगी।

लेकिन कुछ दिन बाद ही लोगों को मायूसी हाथ लगने लगी। पढ़ाई के लिए न तो किताबें मिली और न कोई शिक्षक। जिस उद्देश्य को लेकर यह विज्ञान भवन बनाया उसमें सरकार सफल नहीं हो पाई। असामाजिक तत्वों का बना अड्डा: विज्ञान विषय की पढाई के लिए बनाया गया विज्ञान भवन आज असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है। दिन व रात में भी ताश खेलते नजर आते हैं।

बताया गया कि विज्ञान भवन में तीन चार कमरे हैं। उसमें से कुछ पर स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया है। कुछ साल पूर्व में राजस्व हल्का कर्मी द्वारा लगान व रसीद काटी जाती थी लेकिन भवन की जर्जरता को देख कर अन्य जगहों में कार्यालय का चलना उचित समझा।

क्या कहते हैं अधिकारी: सीओ चंदन कुमार ने बताया कि महेशखंूट कचहरी के मरम्मती कार्य कराने को लेकर विभागीय अधिकारी से पत्राचार की गयी है। विज्ञान भवन को अपने स्तर से मरम्मत नहीं करा सकते। हालांकि विभाग को इसकी जानकारी दी जाएगी।

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  • Web Title:Vigyan Bhavan in search of savior