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सतर्कता से काफी कम हो जाता है आपदा का जोखिम

सतर्कता से काफी कम हो जाता है आपदा का जोखिम

सतर्कता से आपदा के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे बचाव की जानकारी आम लोगों को जागरूक होना जरुरी है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम होती है। प्राकृतिक आपदा को रोका तो नही जा सकता है लेकिन बचाव के कुछ तरीके अपना कर इसे काफी हद तक जोखिम रहित किया जा सकता है। यह बातें सीओ अमित कुमार ने बुधवार को मनरेगा भवन में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों से कही।

सीओ ने प्रतिभागियों को आपदा का वर्गीकरण की जानकारी देते हुए प्राकृतिक एवं कृत्रिम आपदा में अंतर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके तहत बाढ़, भूकंप, वज्रपात, जैसे प्राकृतिक आपदाओं से जान माल को होने वाले क्षति के बारे में बताया गया एवं आपदा के समय इससे बचाव के कई आसान नुस्खे सिखाए गए।

इसके अलावा आगजनी, सांप काटने, रसोई गैस के उपयोग से उत्पन्न होने वाले खतरों के बारे में अवगत करवाया गया। इससे उत्पन्न खतरा से बचाव एवं खतरा उत्पन्न होने के बाद अपनाए जाने वाले उपाय के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी गई। बुधवार के प्रशिक्षण में बेलदौर, चोढ़ली एवं बोबिल एवं मंगलवार को माली, बेला एवं तेलिहार के पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचित सदस्यों ने भाग लिया।

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  • Web Title:Vigilance is significantly reduced by risk of disaster