
बदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क , आवागमन में परेशानी
बदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क , आवागमन में परेशानी बदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क , आवागमन में परेशानी
गोगरी । एक संवाददाता प्रत्येक दिन सैकड़ो वाहनों का आवागमन होता है। जर्जर होकर बदहाल बनी हुई हुआ है, लेकिन कोई जनप्रतिनिधि सड़क का नवीकरण कराने में दिलचस्पी नही दिखा रहे है। जबकि प्रत्येक दिन सैकड़ो वाहनों का आवागमन होता है। जर्जर सड़क से आवागमन में जान को खतरा बना रहता है। गोगरी प्रखंड सर्किल नंबर के छह पंचायतों के लोगो ने उक्त सड़क का निर्माण जल्द कराने की मांग की है। जर्जर सड़क से आवाजाही में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन जर्जर सड़क की मरम्मतीकरण कराने में विभाग उदासीन बने हुए हैं। बताया गया कि मैरा से गौछारी जाने वाली पक्की सड़क का निर्माण होने से आवागमन काफी आसान हो जाएगा।
उक्त सड़क की लंबाई लगभग नो किलोमीटर है। जो सड़क आरईओ विभाग के अधीनस्थ है, लेकिन सड़क की मरम्मतीकरण या निर्माण नही किए जाने से सर्किल नंबर के पंचायत पौरा, बलतारा एवं मैरा के लोगो को लंबी दूरी तय कर करना पड़ता है। सर्किल नम्बर एक के लोगो की सुविधा का ख्याल रखते हुए पांच वर्ष पूर्व सड़क का निर्माण कराया गया था लेकिन मेंटनेंस के आभाव के कारण सड़क दम तोड़ दी है। सड़क में सैकड़ों जगहों पर बड़े-बड़े गढ्ढे बन गए हैं। जिसके कारण दो पहिया, चार पहिया वाहन भी उस सड़क मार्ग जे आवाजाही नही करते हैं। स्थानीय लोगो ने बताया कि जब मैरा से गौछारी तक जाने वाली काली सड़क का निर्माण किया जा रहा था तो सर्किल नम्बर एक के मैरा, पौरा एवं बलतारा पंचायत के लोगो को काफी खुशी हुई थी कि मैरा से गौछारी एनएच-31 से उक्त पंचायत जुड़ जाएगा। आवागमन में लोगो को काफी सुविधाएं मिलेगी, लेकिन सड़क की समय पर मेंटनेंस नही कराए जाने से सड़क जर्जर हो गया। जर्जर सड़क को छोड़कर लोग अब वाया सोनवर्षा घाट से एनएच-31 पर पहुंचते हंै। इतना महत्वपूर्ण आरईओ सड़क का विभागीय स्तर से भी कोई सुधि लेने वाला नही है। क्षेत्र के विधायक एवं सासंद को इस सड़क का निर्माण कराने की पहल करनी चाहिए, ताकि कई पंचायतों के लोग लाभान्वित हो सके। मैरा-गौछारी सड़क से बीस किलोमीटर दूरी की होती है बचत: मैरा-गौछारी सड़क मार्ग की दूरी मात्र नो किलोमीटर है। लेकिन उक्त सड़क जर्जर होने के कारण अब दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालक भाया महेशखूंट होते हुए गौछारी एनएच-31 पहुंचते है। जिसकी दूरी तय करने में लगभग 25 किलोमीटर होता है। जबकि मैरा -गौछारी सड़क से मात्र 11 किलोमीटर दूरी सफर करने से गौछारी पहुँच जाते है।यह सड़क बड़ी मैरा, काली स्थान मैरा, शिशबन्नी मैरा, राबड़ी नगर पौरा एवं पौरा गांव को जोड़ती है। इस सड़क का मरम्मतीकरण होने से आसपास इलाके के लगभग 50 हजार की आबादी लाभान्वित होंगे। हिचकोले खाने के डर से मैरा-गौछारी सड़क से नही करते आवागमन: सड़क में सैकड़ो जगह बड़े-बड़े गढ्ढे बन गए है। छोटी बड़ी वाहन हिचकोले खाने में भय से उक्त सड़क से आवाजाही नही करते है। बारिश के मौसम में सड़क के गड्ढे में पानी भर जाने से लोगो को पैदल भी चलना मुश्किल हो जाता है। बताया गया कि जिस उद्देश्य से सड़क का निर्माण कराया गया है जर्जर होने से लोगो के मंसूबे पर पानी फिरने लगा है। सड़क से भौगोलिक क्षेत्र छोटा दिखता था लेकिन अब भाया महेशखूंट मार्ग से आवागमन करने से दूरी और समय की क्षति होने लगी है। किसानों को हो रही आर्थिक क्षति : मैरा-गौछारी सड़क जर्जर होने से स्थानीय किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। मैरा के कई किसानों ने बताया कि उक्त सड़क मार्ग से आसानी से खाद बीज खेत तक कम खर्च में पहुंचा देते थे। इसके बाद जब फसल तैयार होने पर कम खर्च में ट्रैक्टर से फसल को गंतव्य स्थान तक ले जाते थे। लेकिन सड़क जर्जर होने के कारण अब ट्रैक्टर चालक पहले से दो गुना खर्च पर फसल को पहुंचाते है। जिससे किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। मैरा-गौछारी सड़क का निर्माण कार्य जल्द कराने के लिए स्थानीय लोगो ने आरईओ विभाग से मांग किया है ताकि स्थानीय लोगो को आर्थिक एवं समय का बचत हो सके। बोले लोग:- 1. मैरा-गौछारी सड़क जर्जर होने से लोगो को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही सड़क का निर्माण कराने की जरूरत है। राकेश कुमार सिंह, समाजसेवी। 2. मैरा गौछारी सड़क मार्ग से कम समय मे लोग गौछारी मार्ग से एनएच-31 मुख्य सड़क से जुड़ जाते थे। अभी 20 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। अनिल सोनी, व्यवसायी। 3. सड़क निर्माण से सर्किल नंबर एक के 50 हजार की आबादी लाभान्वित हो रहे थे। वर्तमान में सड़क जर्जर होने से आवागमन बाधित है। अभिमन्यु कुमार सिंह, समाजसेवी। 4. मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य अति आवश्यक है। लोगो को समय एवं दूरी की बचत के साथ आर्थिक बचत भी होती थी। शंभू सिंह, किसान। 5. मैरा से गौछारी सड़क दुरुस्त होने से किसानों को अपने खेतों तक खाद बीज से लेकर उत्पादित फसल को ले जाने में काफी सुविधाएं मिलती थी। जर्जर होने से आर्थिक खर्च ज्यादा होने लगी है। डॉ राजेश कुमार समाजसेवी। 6. इस महत्वपूर्ण सड़क का जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय विधायक एवं सांसद को पहल करने की जरूरत है। तब ही इस सड़क का कायाकल्प हो सकता है। राजेश कुमार डब्लू, दूध व्यवसायी। बोले अधिकारी : मैरा-गौछारी सड़क का निर्माण के बाद जमीन विवाद में सड़क का मेंटनेंस नही हो पाया है। ठेकेदार का रुपया भी फंसा हुआ है। मामला कोर्ट में लंबित है। कोर्ट के आदेश के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। रामानुज कुमार, कार्यपालक अभियंता, आरईओ विभाग गोगरी।

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