
जिले में आधा दर्जन जगहों पर रेल ओवरब्रिज निर्माण की दरकार, ढाला में जाम से हलकान हो रहे लोग
पेज तीन की लीड:जिले में आधा दर्जन जगहों पर रेल ओवरब्रिज निर्माण की दरकार, ढाला में जाम से हलकान हो रहे लोगजिले में आधा दर्जन जगहों पर रेल ओवरब्रिज न
खगड़िया। निज प्रतिनिधि जिले में आधा दर्जन रेलवे ढाला पर जल्द रेल ओवरब्रिज निर्माण की दरकार है। रेल ओवरब्रिज के अभाव में ढाला पर काफी देर रुकने से हलकान हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यालय स्थित संसारपुर ढाला, पसराहा व बदलाघाट रेलवे स्टेशन के दक्षिणी ढाला के पास रेल ओवरब्रिज निर्माण की निहायत ही जरूरत महसूस की जा रही है। इस ओर लोगों की मांग भी जोर पकड़ रही है। इसके अलावा तीन जगहों पर निर्माण की स्वीकृति हो चुकी है। जिसमें से महज खगड़िया के मथुरापुर ढाला पर लंबे इंतजार के बाद गत जुलाई माह आरओबी निर्माण कार्य शुरू हुआ है।

जबकि मानसी व महेशखंूट ढाला पर रेल ओवरब्रिज निर्माण की कब की स्वीकृति मिल चुकी है। पर, अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार शहर के मथुरापुर ढाला पर करीब 79 करोड़ की लागत से रेल ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। जिसे वाले ढाई साल में पूरा होने की बात की जा रही है। वहीं मानसी व महेशखंूट रेलवे ढाला पर करीब 130 करोड़ की लागत से आरओबी बनने की स्वीकृति कब के मिल चुकी है। पर, पुल बनाने को लेकर आगे की प्रक्रिया नहीं हो रही है। जिससे लोगों को रोज भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ढाला पर वाहनों के देर तक लोगों को जाम में फंसने की परेशानी उठानी पड़ रही है। इधर संसारपुर के पास बने ढाला पर रेल ओवरब्रिज निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। यहां जल्द ही आरओबी के लिए जमीन सहित अन्य प्रक्रिया पूरी कर नक्शा बनाने की प्रक्रिया होने की बात कही जा रही है। पर, पसराहा ढाला जो अब अति व्यवस्ततम है वहां भी आरओबी बनाने को लेकर मांग जोर पकड़ रही है। जिस ओर भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गंभीर पहल करने की जरूरत है। मानसी में आरओबी निर्माण के लिए डीपीआर बनकर है तैयार: जिले में तीन जगहों पर रेल ओरवब्रिज बनना है। पर, इस ओर उदासीनता दिख रही है। इधर मानसी व महेशखंूट रेलवे ढाला पर रेल ओवरब्रिज निर्माण को लेकर भी प्रक्रिया हो तो गई है। पर, धरातल पर नहीं उतर रही है। महेशखंूट रेलवे ढाला पर 49.81 करोड़ की लागत से रेल ओवरब्रिज का निर्माण की स्वीकृति कब की मिल चुका है। इधर अब मानसी केबिन ढाला पर रेल ओवरब्रिज की डीपीआर बनने की बात की जा रही है। आरओबी बनने से मानसी रेलवे जंक्शन से पश्चिमी भाग की ढाला पर जाम से राहत मिलेगी। महेशखंूट ढाला पर जाम की समस्या नहीं हो रही दूर: महेशखंूट रेलवे केबिन ढाला पर आरओबी निर्माण से लगने वाली भयंकर जाम की समस्या कब दूर होगी कहा नहीं जा सकता है। यह ढाला एनएच 31 व 107 को जोड़ती है। महेशखंूट सहित गोगरी, जमालपुर सहित बड़ी आबादी के लिए मुख्य मार्ग है। जिससे यहां जाम की काफी समस्या हो रही है। इधर रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के केन्द्रीय संयोजक सुभाषचन्द्र जोशी की मानें तो महेशखंूट ढाला पर आरओबी निर्माण शुरू होने की बात पिछले एक साल से हो रही है। पर, अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। इससे जाम की समस्या से लोग परेशान हैं। कहा कि लगातार आन्दोलन करते आ रहे हैं। फिर से इस सवाल पर आन्दोलन को तेज किया जाएगा। ढाला पर जाम से होती है खासी समस्या: रेलवे केबिन ढाला पर वाहनों की जाम लग रहा है। जाहिर है कि खगड़िया रेल लाइन अति व्यवस्ततम रूट है। खगड़िया होकर कई ओर ट्रेन गुजरती है। ऐसे में अमूमन ट्रेनों के गुजरने से ढाला लगने की समस्या अक्सर लोगों को देखना पड़ता है। जिससे जाम में फंसना पड़ जाता है। देर तक ढाला पर वाहन चालकों को फंसे रहने से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। साथ ही कई तरह की समस्या भी होती है। अब संसारपुर के पास भी ढाला गिरे रहने से केबिन के दोनों तरफ वाहनों की जाम लग जाता है। जिससे शहर की ओर से एनएच 31 पर जाने के लिए इंतजार करना पड़ता है। खगड़िया रेलवे जंक्शन से पश्चिम मथुरापुर केबिन ढाला 24 नंबर गेट पर रेल ओवरब्रिज निर्माण शुरू किया है। अब देखना है कि कब तक यहां लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलती है। इधर से खगड़िया, मंुगेर, अलौली, समस्तीपुर, कटिहार व सहरसा रूट के लिए चलने वाली ट्रेनों का काफी दवाब है। जिससे यहां अक्सर ढाला गिरा रहता है। जिससे वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। ढाला पर लगने वाली जाम से होगी मुक्ति: इस केबिन ढाला पर वाहनों की लगने वाली जाम से आने वाले दो साल में मुक्ति मिलेगी। इस आरओबी के बनने से जहां पश्चिमी केबिन ढाला पर वाहनों की जाम से मुक्ति मिलेगी। वहीं लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा। आरओबी से जहां शहर के दक्षिणी भाग से उत्तरी भाग में स्थित गांवों का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। साथ ही अलौली व बखरी रूट में आवागमन में लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। बता दें कि शहर मुख्यालय स्थित मथुरापुर स्थित पश्चिमी केबिन ढाला पर आरओबी निर्माण को लेकर सारी प्रक्रिया कब के पूरी हो चुकी थी। रेल ओवरब्रिज निर्माण के लिए 2020 में सर्वें किया गया था। लोगों को तब से पुल निर्माण शुरू होने का इंतजार हो रहा था। जो अब पूरा हो रहा है। ट्रेनों के दवाब से रेलवे ढाला पर लगता है जाम: खगड़िया-उमेशनगर के बीच स्थित शहर के पश्चिमी भाग में यह ढाला स्थित है। इस रूट होकर बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं। जिससे इस ढाला पर वाहनों की जाम विकराल हो रही है। आलम यह है कि यहां आधे घंटे तक वाहनों की जाम लग रहा है। ट्रेनों के आवाजाही के कारण अक्सर रेलवे केबिन पर ढाला गिरा रहता है। जिससे अलौली व बखरी रूट की तरफ जाने वाले वाहनों की बड़ी संख्या गुजरने से जाम लंबा हो जाता है। वहीं मथुरापुर, भदास, कुतुबपुर, बछौता, कासिमपुर, बेलासिमरी आदि इलाके के लिए भी इधर से लोग गुजरते हैं। जिससे लोगों को जाम के कारण समस्या हो रही है। कई रूट के लिए गुजरती हैं ट्रेनें: पश्चिमी केबिन ढाला होकर कई रूट के लिए ट्रेन गुजरती है। जिससे ट्रेनों का आना जाना अमूनन लगा ही रहता है। बता दें कि इस होकर बेगूसराय, बखरी, जमालपुर रूट के लिए टे्रन गुजरती है। वहीं अब तो खगड़िया से अलौली रेलखंड के लिए भी बीच-बीच में मालगाड़ी आती व जाती है। वहीं खगड़िया रैक प्वाइंट के कारण भी मालगाड़ी की आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में ट्रेनों का आना जाना लगा ही रहता है। ढाला पर वाहनों का दवाब अधिक होने के कारण ट्रेन के आने से पहले से ही केबिन को गिरना पड़ जाता है। जिससे भी देर तक वाहन चालकों को जाम में फंसने की नियति बन रही है। बोले संासद: मथुरापुर रेलवे ढाला पर आरओबी का निर्माण शुरू हो गया है। मानसी व महेशखूंट रेलवे ढाला पर जल्द आराओबी का निर्माण होना है। संसारपुर, पसराहा व बदलाघाट रेलवे ढाला पर भी आरओबी निर्माण की पहल की जा रही है। राजेश वर्मा, सांसद, खगड़िया।

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