जीवन में आदर्शों का पालन ही है सच्ची भक्ति: देवदुबे जी
परबत्ता के मड़ैया उमानाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचे। कथावाचक श्री देवदुबे जी की वाणी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भगवान राम और माता सीता की लीलाओं का वर्णन किया, जिससे श्रद्धालुओं में भावनात्मक गहराई आई। पूरी मंदिर परिसर भजन-कीर्तन से गूंजता रहा।

परबत्ता । एक प्रतिनिधि प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मड़ैया उमानाथ मंदिर इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में पूरी तरह सराबोर है। यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने पूरे इलाके को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और पूरे मंदिर परिसर में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ी। वृंदावन से पधारे कथावाचक श्री देवदुबे जी की ओजस्वी वाणी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भगवान राम और माता सीता की लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में आदर्शों का पालन ही सच्ची भक्ति है।
साथ ही उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उपदेशों का भी विस्तार से वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान पूरा मंदिर परिसर हरि नाम और भजन-कीर्तन से दिन भर गूंजता रहा। श्रद्धालु कथा श्रवण में इस कदर डूबे नजर आए कि समय का अहसास तक नहीं हुआ। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखीं, जो इस आयोजन की भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। समिति के सदस्यो ने बताया की भीषण गर्मी के बावजूद जिस तरह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वह लोगों की धर्म और आस्था के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।
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