बदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली  सड़क , आवागमन में हो रही है परेशानी

बदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क , आवागमन में हो रही है परेशानी

संक्षेप:

:::: बोले खगड़िया का लीड::::::::बदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क , आवागमन में हो रही है परेशानीबदहाल है मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क , आवागमन मे

Aug 13, 2025 04:59 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, खगडि़या
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गोगरी । एक संवाददाता गोगरी प्रखड क्षेत्र के मैरा से गौछारी जाने वाली पक्की सड़क जर्जर है लेकिन विभागीय अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि सड़क के निर्माण के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। जबकि प्रत्येक दिन सैकड़ों वाहनों का आवागमन इधर से होता है। जर्जर सड़क से आवागमन में हादसे का अंदेशा बना हुआ है। गोगरी प्रखंड सर्किल नम्बर के छह पंचायतों के लोगों ने उक्त सड़क का निर्माण जल्द कराने की मांग की है। इन पंचायत के लोगों ने कहा कि जर्जर सड़क से आवाजाही में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन जर्जर सड़क की मरम्मती अथवा निर्माण कराने में विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।

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बताया जा रहा है कि मैरा से गौछारी जाने वाली पक्की सड़क का निर्माण होने से आवागमन काफी आसान हो जायेगा। उक्त सड़क की लंबाई लगभग नौ किलोमीटर है। जो सड़क आरईओ विभाग के अधीनस्थ है। पर, सड़क की मरम्मतीकरण या निर्माण नहीं किए जाने से सर्किल नम्बर के पंचायतवासियों को परेशानी होती है। किन किन पंचायत के लोगों का आवागमन का है मुख्य मार्ग: पौरा, बलतारा एवं मैरा के लोगों को लंबी दूरी तय करना पड़ता है। सर्किल नम्बर एक के लोगों की सुविधा का ख्याल रखते हुए पांच वर्ष पूर्व सड़क का निर्माण कराया गया था लेकिन मेंटनेंस के आभाव के कारण सड़क दम तोड़ दी है। सड़क में सैकड़ों जगहों पर बड़े बड़े गढ्ढे बन गए हैं। जिसके कारण दो पहिया, चार पहिया वाहन भी उस सड़क मार्ग से आवाजाही नहीं करते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब मैरा से गौछारी तक जाने वाली सड़क का निर्माण किया जा रहा था तो सर्किल नम्बर एक के मैरा, पौरा एवं बलतारा पंचायत के लोगो को काफी खुशी हुई थी कि मैरा से गौछारी एनएच-31 से ये पंचायत जुड़ जाएंगे। आवागमन में लोगों को काफी सुविधाएं मिलेगी। लेकिन सड़क की समय पर मेंटनेंस नहीं कराए जाने से सड़क जर्जर हो गया। जर्जर सड़क को छोड़कर लोग अब भाया सोनवर्षा घाट से एनएच-31 पर पहुंचते हंै। जिसके कारण लोगों की दूरी बढ़ती है। इससे समय भी अधिक व्यतीत करना पड़ता तो आवागमन में खर्च भी बढ़ जाता है। इस महत्वपूर्ण आरईओ सड़क का विभागीय स्तर से भी कोई सुधि लेने वाला नहीं है। क्षेत्र के विधायक एवं सासंद को इस सड़क का निर्माण कराने की पहल करनी चाहिए। ताकि कई पंचायतों के लोग लाभान्वित हो सके । मैरा-गौछारी सड़क से बीस किलोमीटर दूरी की होती है बचत: मैरा-गौछारी सड़क मार्ग की दूरी मात्र नौ किलोमीटर है। लेकिन उक्त सड़क जर्जर होने के कारण अब दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालक भाया महेशखूंट होते हुए गौछारी एनएच-31 पहुंचते हैं। जिसकी दूरी तय करने में लगभग 25 किलोमीटर लगता है। जबकि मैरा-गौछारी सड़क से मात्र 11 किलोमीटर दूरी सफर करने से गौछारी पहुँच जाते है। यह सड़क बड़ी मैरा, काली स्थान मैरा, शिशबन्नी मैरा, राबड़ी नगर पौरा एवं पौरा गांव को जोड़ती है। इस सड़क का मरम्मतीकरण होने से आसपास इलाके के लगभग 50 हजार की आबादी लाभान्वित होंगे। हिचकोले खाने के डर से मैरा-गौछारी सड़क से नहीं करते आवागमन: सड़क में सैकड़ो जगह बड़े-बड़े गढ्ढे बने हुए हंै। छोटी बड़ी वाहन हिचकोले खाने में भय से उक्त सड़क से आवाजाही नही करते हैं। बारिश के मौसम में सड़क के गड्ढे में पानी भर जाने से लोगों को पैदल भी चलना मुश्किल हो जाता है। बताया गया कि जिस उद्देश्य से सड़क का निर्माण कराया गया है। सड़क जर्जर होने से लोगों के मंसूबे पर पानी फिरने लगा है। सड़क से भौगोलिक क्षेत्र छोटा दिखता था लेकिन अब भाया महेशखूंट मार्ग से आवागमन करने से दूरी और समय की क्षति होने लगा है। बॉक्स किसानों को हो रही आर्थिक क्षति गोगरी। मैरा-गौछारी सड़क जर्जर होने से स्थानीय किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। मैरा के कई किसानों ने बताया कि उक्त सड़क मार्ग से आसानी से खाद बीज खेत तक कम खर्च में पहुंचा देते थे। इसके बाद जब फसल तैयार होने पर कम खर्च में ट्रैक्टर से फसल को गंतव्य स्थान तक ले जाते थे लेकिन सड़क जर्जर होने के कारण अब ट्रैक्टर चालक पहले से दो गुना खर्च पर फसल को पहुंचाते है। जिससे किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। मैरा-गौछारी सड़क का निर्माण कार्य जल्द कराने के लिए स्थानीय लोगो ने आरईओ विभाग से मांग किया है ताकि स्थानीय लोगों को आर्थिक एवं समय का बचत हो सके। बोले अधिकारी मैरा-गौछारी सड़क का निर्माण के बाद जमीन विवाद में सड़क का मेंटनेंस नही हो पाया है। ठेकेदार का रुपया भी फंसा हुआ है। मामला कोर्ट में लंबित है। कोर्ट के आदेश के बाद अगली कार्रवाई की जायेगी। रामानुज कुमार,कार्यपालक अभियंता, आरईओ विभाग गोगरी बोले लोग: मैरा-गौछारी सड़क जर्जर होने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही सड़क का निर्माण कराने की जरूरत है। राकेश कुमार सिंह, समाजसेवी मैरा-गौछारी सड़क मार्ग से कम समय में लोग गौछारी मार्ग से एनएच-31 मुख्य सड़क से जुड़ जाते थे। अभी बीस किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। अनिल सोनी, व्यवसायिक सड़क निर्माण से सर्किल नम्बर एक के पचास हजार की आबादी लाभान्वित हो रहे थे। वर्तमान में सड़क जर्जर होने से आवागमन बाधित है। अभिमन्यु कुमार सिंह, समाजसेवी मैरा से गौछारी जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य अति आवश्यक है। लोगों को समय एवं दूरी की बचत के साथ आर्थिक बचत भी होता था। शंभु सिंह, किसान मैरा से गौछारी सड़क दुरुस्त होने से किसानों को अपने खेतों तक खाद बीज से लेकर उत्पादित फसल को ले जाने में काफी सुविधाएं मिलती थी। सड़क जर्जर होने से आर्थिक खर्च ज्यादा होने लगा है। डॉ राजेश कुमार समाजसेवी इस महत्वपूर्ण सड़क का जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय विधायक एवं सांसद को पहल करने की जरूरत है। तब ही इस सड़क का कायाकल्प हो सकता है। राजेश कुमार डब्लू, दूध व्यव्सायी