कन्हैयाचक में मिलीं 100 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां
परबत्ता के कन्हैयाचक गांव में लगभग 100 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं, जिनमें वेद मंत्र, पूजा पद्धति और देवी स्तोत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं। ये पांडुलिपियां आचार्य विजय कृष्ण के परदादा अभिनंदन झा द्वारा लिखी गई थीं। कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने कहा कि ये दस्तावेज हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं।

परबत्ता । एक प्रतिनिधि नगर पंचायत अंतर्गत कन्हैयाचक गांव में लगभग 100 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां मिलने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। प्राप्त पांडुलिपियों में वेद मंत्र, पूजा पद्धति, पोस्ट कार्ड, भोजपत्र, देवी स्तोत्र सहित कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक दस्तावेज सुरक्षित पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी पांडुलिपियां आचार्य विजय कृष्ण के परदादा स्वर्गीय अभिनंदन झा द्वारा लिखी गई थीं। जिन्हें 19वीं शताब्दी के शुरुआती दौर का माना जा रहा है। इन दस्तावेजों को परिवार द्वारा वर्षों से सहेज कर रखा गया था। कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार ने मौके पर पहुंचकर सभी पांडुलिपियों का अवलोकन किया तथा उन्हें ज्ञान भारतम मिशन एप पर अपलोड किया।
उन्होंने कहा कि यह पांडुलिपियंां जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। इन दस्तावेजों के संरक्षण और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से आने वाली पीढ़ियों को भी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि उनके पास पुरानी पांडुलिपियां, दुर्लभ दस्तावेज या ऐतिहासिक सामग्री सुरक्षित हो तो उसकी जानकारी प्रशासन एवं संस्कृति विभाग को दें। जिससे उनका संरक्षण किया जा सके।
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