कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती का सिखाएगा गुर
कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती का सिखाएगा गुर कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती का सिखाएगा गुर कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती का सिखाएगा गुर

खगड़िया । नगर संवाददाता किसानो के आर्थिक तरक्की के साथ साथ खेतों की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अब खेती में अत्यधिक पैदावार के लिए किसान अपने खेतों में रसायनिक उर्वरकों की अत्यधिक प्रयोग करना शुरू कर दिया है। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति घट रही है। इसे बरकरार रखने के लिए किसानों को पूरी तरह से अब खेती के पैटर्न बदलने की जरूरत है। ऐसे में भारत सरकार क कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के द्वारा केन्द्र प्रायोजित नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के तहत राज्य में प्राकृतिक खेती क ा क्रियान्वयन 2025-26 से किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती बाहरी उपादानों पर निर्भरता को कम करने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने, जलवायु परिवर्त्तन के प्रभाावें के प्रति लचीलापन बढ़ाने तथा किसानों की उत्पादन लागत घटाने वाले एक टिकाऊ व आर्थिक रूप से व्यावहारिक विकल्प तैयार की है। इसी कड़ी में जिले में खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को खेतों में उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक खेती तथा अन्य सतत उपायों के प्रति किसानों एवं नागरिकों में जागरूकता अभियान आगामी 30 जून तक चलेगा。
30 जून तक पंचायतवार चलेगा अभियान
किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने के लिए पूरे जिले में पंचायवार आगामी तीस जून तक अभियान चलाया जाएगा। इसमें किसानों व आम नागरिकों की सर्वाधिक भागीदारी हो। इसकी जिम्मेवारी भी कृषि विभाग के कर्मियो को दी गई है। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से जागरूकता कार्यक्रम, किसान संवाद, खेत प्रदर्शन, स्थानीय अभियानों के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देन ेएवं इसके लाभ के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेवारी निभने की जरूरत
विभाग का लक्ष्य है कि वैसे जनप्रतिनिधि जो स्वयं कृषि कार्य से जुड़े हैं, उन्हें स्वेच्छा से अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाने पर विचार करने की जरूरत है। वहीं खाद्य तेल की खपत में दस प्रतिशत कमी लाने के लिए जीवनशैली, खान पान संबंधी व्यवहार परिवर्त्तन किए जाने के लिए भी किसानों, जनप्रतिनिधियों को जागरूक करने की जरूरत है।
उर्वरकों की बिक्री एवं उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण भी होगा
खेत बचाओ अभियान के तहत अपने अपने क्षेत्रों में उर्वरकों की बिक्री एवं उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की भी कार्ययोजना इस अभियान के तहत है। वहीं यूरिया व डीएपी की अधिक खपत वाले क्षेत्रों में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं दुरुपयोग रोकने के लिए भी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कार्य योजना अभियान के दौरान बनायी गई है।
पंचायत स्तर पर होगी नियमित बैठक
कृषि विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर किसानों के साथ खेत बचाओ अभियान के तहत नियमित रूप से बैठक की जाएगी। जिससे किसानों को उर्वरकों के प्रयोग की समुचित जानकारी मिल सके। वहीं वैक्लपिक उर्वरकों एवं संतुलित पोषक प्रबंधन पद्धतियों के उपयोग के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जैव उर्वरक, नैनो उर्वरक, जैविक खादों एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के प्रति भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
बोले अधिकारी:
खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तपर किसानों के साथ संवाद किया जाएगा। जिससे किसानों को समुचित जानकारी मिल सके।
अविनाश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी।


