
जीएन बांध को एनएच 31 से जोड़ने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील, परेशानी
1. बोले लीड:जीएन बांध को एनएच 31 जोड़ने वाली सड़क गड्ढेजीएन बांध को एनएच 31 जोड़ने वाली सड़क गड्ढेजीएन बांध को एनएच 31 जोड़ने वाली सड़क गड्ढेजीएन बांध को एन
परबत्ता, एक प्रतिनिधि जीएन बांध को एनएच 31 से जोड़ने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है, लेकिन संवेदक की नींद नहीं खुल रही है। उल्लेखनीय है कि तीन वर्ष पूर्व लाखों की राशि से इस सड़क का निर्माण किया गया। इतनी जल्द सड़क के टूटने को लेकर लोगों के बीच निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। जबकि प्राक्कलन तैयार करने के दौरान अलग से पांच वर्ष तक सड़क मेंटेनेंस के लिए संवेदक के पास राशि सुरक्षित रखी जाती है। इसके बावजूद भी सड़क रिपेयर के प्रति उनका ध्यान नहीं पहुंच पा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2022-23 में सड़क निर्माण के पूर्ण होने के उपरांत ही मौसम की पहली बारिश के दौरान ही सड़क कई जगह धंस गई थी।

प्रशासन ने बारिश के दौरान मिट्टी की बोरी डालकर अपना पल्ला झाड़ लिया। बारिश का मौसम समाप्त होने के उपरांत उसे दुरुस्त किया गया था। उस खाई को भरे एक वर्ष गुजरा ही था कि पुन: दूसरी जगह सड़क खाई में तब्दील हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री संपर्क सड़क योजना अंतर्गत परबत्ता प्रखंड के जीएन बांध कोरचक्का स्लुईस गेट से सतीशनगर के बीच एनएच 31 को जोड़ने के तक़रीबन सवा दो किलोमीटर में लाखों की राशि से मुख्यमंत्री संपर्क पथ निर्माण योजना अंतर्गत कार्य शुरू किया गया। सड़क निर्माण होते ही लोगो के बीच ख़ुशी की लहर दौड़ गई। लोगों को लगा था कि एनएच-31 के जाम होने की स्थिति में भी संपर्क सड़क से वाहन चालक आसानी से निकल जाएगा, लेकिन भोली भाली आम जनता को क्या पाता था कि इस योजना पर गिद्ध दृष्टि जमाए बैठे बिचौलिया व ठेकेदार घटिया सड़क निर्माण कर गाढ़ी कमाई कर अपना पल्ला झाड़ लिया। आज सड़क इतनी जर्ज़र बन चुकी है कि इस सड़क से वाहनों का परिचालन करना खतरे से खाली नहीं है। सड़क से गुजरते है लोग : बारिश के मौसम में एनएच 31 पर जाम की समस्या उत्पन्न होने के दौरान सतीशनगर कोरचक्का सड़क से वाहनों का परिचालन कर लोग जाम से मुक्ति पाते है। वही दूसरी ओर इस सड़क से प्रतिदिन कोरचक्का, दुधैला, बुद्धनगर, गनौल एवं अगुवानी आदि जाया करते हैं, तकरीबन 30 हजार से अधिक आबादी के लिए आने जाने का मुख्य साधन है। क्या है मामला : वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री संपर्क सड़क योजना अंतर्गत लाखों की राशि से सतीशनगर कोरचक्का तक़रीवन सवा दो किलोमीटर लाखों की राशि से सड़क निर्माण किया गया, लेकिन संवेदक द्वारा घटिया निर्माण किए जाने से सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। अगर समय पर सड़क की मरम्मत नहीं की तो इस जर्जर सड़क से गुजरना लोगों के लिए मुश्किल होगा। बोले लोग : 1. मुख्यमंत्री संपर्क सड़क योजना अंतर्गत वर्ष 23 में सड़क निर्माण किया गया है। घटिया सड़क निर्माण के कारण बतौर दो वर्ष बाद ही जर्जर हो गई है। ज्योतिष रजक, सामाजिक कार्यकर्ता। 2. सड़क की जर्ज़रता के कारण चालक अपनी जान को हथेली पर रखकर वाहन लेकर गुजरने को विवश हैं। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। अभिषेक कुमार, स्थानीय युवा। 3. विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान घटिया सामान का उपयोग करने के कारण सड़क बतौर दो वर्षो में टूट गई। जांचकर कार्रवाई होनी चाहिए। रौशन रजक, किसान, सौढ़ उत्तरी। 4. बारिश के मौसम में एनएच 31 पर जाम होने के कारण ऐन वक्त पर दर्जनों वाहन इस सड़क से गुजरकर अपनी मंजिल तक जाया करते हैं। पर, विभाग उदासीन बने हुए हैं। उपेंद्र मंडल, किसान, सौढ़ उत्तरी। 5. विभाग की उदासीनता के कारण आज सड़क जर्जर हो गई है। अगर विभाग के अधिकारी इस सड़क पर ध्यान दिया होता तो आज ऐसी दशा नहीं होती। राजाराम साह, किसान, सौढ़ उत्तरी। 6. किसानों की समस्याओं को लेकर बहुत जल्द डीएम से शिकायत कर सड़क की समस्या को दूर करायी जाएगी। जिससे लोगों को परेशानी से मुक्ति मिल सके। पृथ्वीचन्द्र सिंह, पूर्व मुखिया, सौढ़ उत्तरी। बोले अधिकारी : संवेदक को इसकी सूचना देकर बहुत जल्द मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए पहल की जा रही है। उत्पल कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग। फोटो : 2 कैप्शन: परबत्ता: प्रखंड के जीएन बांध को एनएच 31 से जोड़ने वाली बदहाल सतीशनगर-कोरचक्का सड़क जर्जर। 2. बोले: महेशखूंट: शिलान्यास के एक दशक बाद भी स्टेडियम का नही हुआ निर्माण जिले के महेशखूंट पटेल हाईस्कूल मैदान में होना है निर्माण 3 मई 2015 को किया गया था तत्कालीन परिवहन मंत्री द्वारा शिलान्यास 45 लाख 24 हजार का बनाया गया था प्राक्कलन स्टेडियम के अभाव में खेल प्रतिभाओं को निखरने का नही मिल रहा मौका महेशखूंट। एक प्रतिनिधि महेशखूंट पटेल हाईस्कूल मैदान में एक दशक बाद भी फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण नहीं होने से खिलाड़ियों में आक्रोश है। छात्र दिवाकर सिंह, मंतोष कुमार, संतोष सुमन, अभिनव पासवान, दीपक सिंह, सुभाष राय आदि ने बताया कि पटेल हाईस्कूल के मैदान को प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता महेशखूंट में एक दशक बाद भी फूटबॉल स्टेडियम नहीं बन सका। बताया गया कि तीन मई 2010 को पटेल हाईस्कूल के मैदान में कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार की योजना से फुटबॉल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति के साथ परबत्ता के दिवांगत विधायक आरन सिंह ने स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास किया। तब युवा व खेल प्रेमियों में काफी उत्साह व खुशी थी कि अब महेशखूंट में स्टेडियम का सपना साकार हो सकेगा। अब एक दशक बाद भी स्टेडियम निर्माण नहीं होने से उनमें मायूसी है। छात्र मनीष कुमार, दीपक कुमार, संजय कुमार ,दीपक गुप्ता, शेर खान आद ने बताया कि 45 लाख 24 हजार की लागत से पटेल हाईस्कूल महेशखूंट के मैदान में फुटबॉल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति के साथ वर्ष 2010 में स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास किया गया। उस समय प्रथम किश्त के रूप में निर्माण के लिए विभागीय स्तर पर पांच लाख रुपये आवंटित किया गया। इससे तत्काल संवदेक द्वारा स्टेडियम निर्माण कार्य के लिए चारदीवारी निर्माण कार्य आरंभ किया गया, पर बीच में ही संवेदक कार्य बंद कर गायब हो गया। हाल यह है कि यहां चारदीवारी निर्माण का भी कार्य पूर्ण नहीं हो सका। महेशखूंट पंचायत कीपूर्व मुखिया मुखिया ममता देवी कहती हैं कि शिलान्यास हुआ तो काम पूरा होना चाहिए, परंतु इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। मुखिया श्वेता कुमारी ने बताया इस संबंध में वरीय अधिकारियों से बात कर स्टेडियम निर्माण कराने का प्रयास किया जायेगा।जिला परिषद सदस्य चदंन कुमार ने कहा सरकार और विभाग की उदासीनता का परिणाम है कि 10 वर्ष में भी स्टेडियम निर्माण नहीं हुआ और न ही इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। इधर गोगरी बीडीओ राजाराम पंडित ने बताया मैदान को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा गया है। बॉक्स: स्टेडियम नहीं होने से दम तोड़ रही है खिलाड़ियों की प्रतिभा महेशखूंट। एक प्रतिनिधि महेशखूंट पटेल हाईस्कूल मैदान में स्टेडियम नहीं बनने से खिलाड़ियों की प्रतिभा दम तोड़ रही है। बताया गया कि तीन मई 2010 को पटेल हाईस्कूल के मैदान में कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार की योजना से फुटबॉल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति के साथ परबत्ता विधायक आरन सिंह ने ताम झाम के साथ स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास किया। तब युवा व खेल प्रेमियों में काफी उत्साह व खुशी थी कि अब महेशखूंट में स्टेडियम का सपना साकार हो सकेगा। अब एक दशक बाद भी स्टेडियम निर्माण नहीं होने से उनमें मायूसी है।छात्र मनीष कुमार, दीपक कुमार, संजय कुमार, दीपक गुप्ता आदि ने बताया कि संवदेक द्वारा स्टेडियम निर्माण कार्य के लिए चारदीवारी निर्माण कार्य आरंभ किया गया, पर बीच में ही संवेदक कार्य बंद कर गायब हो गया। हाल यह है कि यहां चारदीवारी निर्माण का भी कार्य पूर्ण नहीं हो सका। महेशखूंट पंचायत कीपूर्व मुखिया मुखिया ममता देवी कहती हैं कि शिलान्यास हुआ तो काम पूरा होना चाहिए, परंतु इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। मुखिया श्वेता कुमारी ने बताया इस संबंध में वरीय अधिकारियों से बात कर स्टेडियम निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा। बोले जिप सदस्य: युवा एवं कला संस्कृति विभाग की उदासीनता का परिणाम है कि 10 वर्ष में भी स्टेडियम निर्माण नहीं हुआ और न ही इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। इस पर गंभीर पहल होनी चाहिए। वे जल्द विभाग का ध्यान इस ओर दिलाएंगे। चदंन कुमार, जिला परिषद सदस्य।

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