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जाम से घंटों हलकान रहे लोग

जाम से घंटों हलकान रहे लोग

भरतखंड ओपी क्षेत्र अंतर्गत जमालपुर-भरतखंड 14 नंबर सड़क पर सोमवार को ऑटो व ट्रैक्टर की टक्कर में दो की मौत व चार अन्य के घायल होने की घटना से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए। जाम से घंटों लोग हलकान रहे।

आक्रोशित ग्रामीण मुआवजे की मांग तो कर ही रहे थे, लेकिन स्थानीय पुलिस से भी खासी नाराजगी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि समय पर यदि पुलिस पहुंचती तो जान बचाई जा सकती थी। हालांकि पुलिस का कहना था कि जानकारी मिलने के साथ ही वे घटनास्थल पर पहुंच गये थे। इधर जाम होने की सूचना मिलते ही एसडीपीओ पीके झा, परबत्ता सीओ चन्द्रशेखर प्रसाद सिंह के साथ गोगरी, परबत्ता, पसराहा आदि थाना की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचे। घटना से नाराज ग्रामीण पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा की मांग के साथ-साथ ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।

एसडीपीओ पीके झा व स्थानीय सीओ श्री सिंह ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि दोनों मृतक भागलपुर जिला के निवासी हैं। दूसरे जिले के लोगों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। घटना से संबंधित रिपोर्ट भागलपुर जिला अन्तर्गत मृतक के गृह प्रखंड भेजी जाएगी। स्थानीय प्रखंड में मुआवजा का भुगतान किया जाएगा। काफी समझाने-बुझाने पर छह घंटे बाद जाम हटाया जा सका। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया। यहां बता दें कि सोमवार को ऑटो और ट्रैक्टर के बीच हुई टक्कर में भागलपुर जिले के बिहपुर थाना क्षेत्र स्थित मड़वा गांव निवासी स्व. मुनी मंडल का पुत्र अरूण मंडल एवं शंकर मंडल की पत्नी मीरा देवी की मौत हो गई। वहीं जिले के परबत्ता प्रखंड अन्तर्गत कबेला गऋंव निवासी नंदू मंडल की पत्नी टूनो देवी, महतू मंडल का पुत्र नवीन मंडल, पंकज कुमार एवं मृतक अरूण मंडल की पुत्री अनुपम कुमारी घायल हो गईं।

सीमा विवाद में घंटों उलझे रहे पीड़ित व प्रशासन: भरतखंड ओपी क्षेत्र अंतर्गत जमालपुर-भरतखंड 14 नंबर सड़क पर दो लोगों की मौत से आक्रोशित ग्रामीण व प्रशासन सीमा विवाद में घंटों उलझते रहे । मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण अड़े थे। स्थानीय प्रशासन की विवशता थी कि दूसरे जिले के मृतकों को यहां मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। इसी कारण घंटों मामला उलझा रहा। घटनास्थल खगड़िया एवं मृतक भागलपुर जिले के रहने के कारण सुबह से शाम तक शव के साथ परिजन उलझे रहे। एसडीओ व एसडीपीओ भी सुबह से छह घंटे तक उलझे रहे। हालांकि बाद में ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया गया।

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