परबत्ता: विवाद में फंसा स्कूल भवन निर्माण, बच्चों के भविष्य पर संकट
परबत्ता: विवाद में फंसा स्कूल भवन निर्माण, बच्चों के भविष्य पर संकटपरबत्ता: विवाद में फंसा स्कूल भवन निर्माण, बच्चों के भविष्य पर संकटपरबत्ता: विवाद म

परबत्ता, एक प्रतिनिधि प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत माधवपुर पंचायत के मध्य विद्यालय, मुरादपुर में भवन निर्माण कार्य ठप होने से ग्रामीणों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कमरे के अभाव में विद्यालय के बच्चों का पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पर रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को आवेदन देकर चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे स्कूल में विवश होकर स्कूल में तालाबंदी करने को बाध्य होंगे। वर्तमान में विद्यालय के मात्र दो कमरों में करीब 667 बच्चों को भेड़ व बकरियों की तरह पढ़ाई जा रही है। जबकि कई बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को विवश हैं।
जानकारी के अनुसार इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1939 में ग्रामीणों द्वारा दान की गई। आठ कट्ठा छह धूर जमीन (खाता-102, खेसरा-1374) पर की गई थी। उस समय गांव के प्रबुद्ध लोगों ने शिक्षा के प्रसार के उद्देश्य से यह जमीन उपलब्ध कराई थी। अंग्रेजी शासन काल से ही यह विद्यालय शिक्षा का केंद्र बना रहा और धीरे-धीरे अधिक बच्चे इससे जुड़ते गए। आजादी के बाद वर्ष 1984-85 में विद्यालय का सरकारीकरण हुआ और सरकारी राशि से चार कमरों का निर्माण कराया गया। हालांकि पिछले एक दशक में भवन जर्जर हो गया था। वर्ष 2023 में शिक्षा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पुराने खपरैल भवन को तोड़कर नया भवन बनाने का निर्णय लिया गया। जिसके बाद भवन को ध्वस्त भी कर दिया गया। इसी बीच जवाहर झा द्वारा स्कूल की जमीन की मापी कराने के लिये जिला लोक शिकायत निवारण में मामला दर्ज कराया गया। जो आगे चलकर यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है। जवाहर झा का कहना है की पहले जमीन का ईमानदारी से मापी करायी जाय, तब भवन निर्माण का निर्माण उचित होगा। ज्ञात हो कि कुछ माह पूर्व भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ और नींव स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन पुन: आपत्ति दर्ज होने के बाद एसडीओ स्तर पर रोक लगा दी गई। स्थानीय ग्रामीण संतोष झा ने बताया कि सीओ हरिनाथ राम द्वारा कराई गई भूमि मापी में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। इसकी रिपोर्ट एसडीओ को सौंपी जा चुकी है। बावजूद इसके निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इससे नाराज सैकड़ो ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षर कर जिला शिक्षा पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। अगर जल्द निर्माण शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं ग्रामीण दबी जुबान में बताते हैं दो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में यह स्कूल का भवन बीच में आ गया है। दोनों राजनीतिक योद्धाओं ने बच्चों के भविष्य को दरकिनार रखते हुए इसे अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया है। वहीं पदाधिकारियों के द्वारा प्रदर्शित की जा रही उदासीनता बच्चों के लिये घातक सिद्ध हो रहा है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव के समृद्ध और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के बच्चे निजी स्कूलों में पढते हैं। इस वजह से उन्हें इस बारे में चिंता नहीं है। जबकि कमजोर और गरीब तबके के लोगों की बात सुनी नहीं जाती ।बोले प्रधानाध्यापक :विद्यालय में 667 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। पठन-पाठन के लिए मात्र दो वर्ग कक्ष और 10 शिक्षक कार्यरत हैं। नए भवन का निर्माण नींव स्तर तक पहुंच चुका है, लेकिन आगे कार्य रुका हुआ है।सतीश चन्द्र झा, प्रधानाध्यापक, मध्य विद्यालय, मुरादपुर, परबत्ता।बोले अधिकारी :विद्यालय की भूमि को लेकर एक पक्षकार द्वारा उच्च न्यायालय में वाद दायर किया गया है। अंचल अधिकारी द्वारा प्रशासन का पक्ष रखा जाना है। न्यायालय के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई कर भवन निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।संजय कुमार, एसडीओ, गोगरी, खगड़िया।फोटो : 12कैप्शन: परबत्ता के मध्य विद्यालय मुरादपुर में ठप पड़ा हुआ भवन निर्माण कार्य।
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