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अब घर बैठे दिव्यांगों की होगी विशेषज्ञों से जांच

अब घर बैठे दिव्यांगों की होगी विशेषज्ञों से जांच

अब दिव्यांगों की घर बैठे उनकी दिव्यांगता की जांच होगी। खासकर आंख, कान सहित शारीरिक रूप से दिव्यांग की जांच उनके गांव में ही होगी। उन्हें इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार की पहल पर मोबाइल एम्बुलेंस गांव-गांव जाकर शिविर लगाएगी। फिर इस शिविर में विशेषज्ञों से दिव्यांगों की जांच की जाएगी। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने नई पहल करते हुए बुनियाद संजीवनी सेवा की शुरुआत की गई है।

यह सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर शिविर लगाएगा और दिव्यांगों के आंख, कान व फिजियोथैरेपी से संबंधित जांच करेगी। इसके लिए बुनियादी संजीवनी सेवा की ओर से दिव्यांगों का शिविर में ही रजिस्ट्रेशन होगा। फिर जांच होगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल एम्बुलेंस से जांच की जाएगी।

जांच के बाद आवश्यक सलाह भी दी जाएगी। जरुरत पड़ने पर फिजियोथैरेपी के लिए बुनियाद केन्द्र भी रेफर किया जाएगा। ताकि जरुरत के हिसाब से दिव्यांग मरीजों का फिजियोथैरेपी की जा सके। फिजियोथैरेपी वाले मरीज को एक कार्ड भी मिलेगा। इसमें यह अंकित होगा कि उन्हें कब- कब आना है। कब फिजियोथैरेपी कराने के लिए आया है, इसकी भी इंट्री होगी।

विश्व बैंक के सहयोग की पहल : समाज कल्याण विभाग ने विश्व बैंक के सहयोग से इस पहल की शुरुआत की है। इसके माध्यम ऐसे वृद्ध जो आंख व कान से लगभग लाचार हो। उम्र व गरीबी के बाधा के कारण सुदूर गांव से शहर तक आना संभव नहीं हो उनलोगों के लिए यह योजना सर्वाधिक लाभप्रद होगी। इस नई पहल से दिव्यांगों को शहर आने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। लोगों को जांच के लिए जिला मुख्यालय आने पर लोगों को अत्यधिक समय भी व्यतित करना होता है।

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  • Web Title:Now, specialy abled people sitting from house will be examined by experts