
परबत्ता : उद्घाटन के छह माह बाद ही छठ घाट टूटकर हुआ बर्बाद
परबत्ता के सियादतपुर अगुवानी पंचायत में छठ घाट का निर्माण छह माह पहले हुआ था, लेकिन अब वह टूटकर बर्बाद हो रहा है। 13 लाख 61 हजार की लागत से बने इस घाट की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं और अधिकारियों की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
परबत्ता । एक प्रतिनिधि प्रखंड के सियादतपुर अगुवानी पंचायत में उदघाटन के छह माह बाद ही छठ घाट टूटकर बर्बाद हो रहा है। यह छठ घाट करीब 13 लाख 61 हजार की राशि से निर्माण किया गया है। आज स्थिति यह है की घटिया छठ घाट के निर्माण को लेकर ग्रामीण अंगुली उठा रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी इस घटिया निर्माण को लेकर मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि व विभाग की जेई की मिलीभगत से छठ घाट का घटिया निर्माण किया गया है। परिणाम यह है की बतौर उदघाटन के छह माह बाद ही छठ घाट की सीढ़ी आदि टूटकर बर्बाद होने लगा है।
छठ घाट का निर्माण इतना कमजोर किया गया कि कुछ माह बाद ही छठ व्रती इस घाट पर छठ का त्योहार सही रूप से नहीं कर पाएंगे।। इतना के बाद भी विभाग के अधिकारी मौन बने हुए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड के सियादतपुर अगुवानी पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर -9 स्थित हनुमान मंदिर के पास 15वी वित्त टाइड (पेयजल ) योजना की तक़रीबन 13 लाख 61 हजार की राशि से छठ घाट का निर्माण किया गया। निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत वर्ष 2025 में इसका उदघाटन किया गया, लेकिन उद्घाटन होने के छह माह बाद ही छठ घाट की सीढ़ी आदि टूटकर बर्बाद होने लगा है। छठ घाट की स्थिति देखकर सहज़ ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य कितना पारदर्शितापूर्ण हुआ है। छठ घाट की स्थिति स्वयं घटिया गुणवत्ता को उजागर कर रहा है। आज छठ घाट की स्थिति इतना बदतर होती जा रही है कि अगले छठ पूजा का त्योहार इस घाट पर व्रती सही रूप से नहीं कर पाएंगे। स्थानीय लोगों की मानें तो योजना के संचालन के दौरान किसी प्रकार का विरोध नहीं किये जाने के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधि, संवेदक व विभाग की जेई की मिलीभगत से घटिया निर्माण कर सरकारी राशि की बंदरबांट की गई है। यही कारण है कि उदघाटन के बतौर छह माह बाद ही छठ घाट का फर्श टूटकर बर्बाद हो रहा है। छठ घाट के निर्माण से लोगो में थी ख़ुशी : छठ घाट का निर्माण शुरू होते ही लोगो को लगा था की अब स्थानीय छठ वर्तियों को आस्था का महापर्व छठ पूजा के दौरान व्रतियों व श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी। डाला लेकर कीचड़ होकर नहीं जाना होगा, लेकिन घटिया निर्माण के कारण व्रतियों की आशा ढाक के तीन पात साबित हुए। बोले लोग : 1. सियादतपुर अगुवानी पंचायत के वार्ड नंबर-9 में वर्ष 2025 में करीब 13 साढ़े तेरह लाख की सरकारी राशि से छठ घाट का निर्माण किया गया है। इसकी गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। राजीव कुमार, स्थानीय ग्रामीण। 2. छठ घाट का निर्माण इतना घटिया था कि उदघाटन होने के करीब छह माह बाद ही घाट का फर्श टूटकर तीतर बितर होने लगा है। आखिर इसे कौन देखेगा? रजनीश कुमार चौधरी, स्थानीय ग्रामीण। 3. अगर समय रहते नवनिर्मित छठ घाट की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले अगले छठ पूजा में छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं को काफी परेशनी का सामना करना पड़ेगा। जयप्रकाश चौधरी, स्थानीय ग्रामीण। 4. घटिया निर्माण के कारण बतौर छह माह में घाट की सीढ़ी टूटने की घटना को लेकर विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। इसकी जांच पड़ताल करना मुनासिब नहीं समझ रहें हैं। प्रभाष मिश्र, स्थानीय ग्रामीण। 5. लाखों की राशि खर्च होने के बाद सही रूप से दो वर्ष तक घाट सही सलामत नहीं रह सका है। अगर इस तरह से प्रखंड में योजना का संचालन होगा तो सहज़ ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंचायत व प्रखंड का विकास कैसे संभव हो पाएगा? सोनी कुमारी, स्थानीय। 6. योजना के संचालन के दौरान स्थानीय प्रबुद्ध लोगों को भी अपने स्तर से देखरेख किया जाना चाहिए था। अगर घटिया निर्माण पर अंकुश लगाया हुआ होता तो आज गुणवत्ताविहीन काम नहंी होता। चन्द्रशेखर झा, युवा। बोले अभिकर्ता : विभाग के जेई की उदासीनता के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी आयी है। मनीष कुमार, अभिकर्ता सह पंचायत सचिव, सियादतपुर अगुवानी, परबत्ता। बोले अधिकारी: अभी जानकारी मिली है। योजना की तहकीकात बाद अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संतोष कुमार पंडित, बीडीओ, परबत्ता।

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