नए उद्योग की स्थापना के लिए लाभार्थी को दस लाख का मिलेगा वित्तीय सहायता
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खगड़िया, नगर संवाददाता। जिले में उद्योग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार व विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के माध्यम से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं व महिलाओं को सरकार एक बेहतर सौगात दे रही है। उद्योग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के लिए नए लक्ष्यों की घोषणा की गई है । इस वर्ष खगड़िया जिले से 138 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। जिन्हें अपना नया उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से 10 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस योजना के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को अधिकतम दस लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपना स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकें।
सरकार व विभाग का क्या है लक्ष्य निर्धारित: उद्योग महाप्रबंधक परिधि विदिशा ने बताया कि यह योजना राज्य सरकार की प्रमुख स्वरोजगार योजनाओं में से एक है। जिसका उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही जिला स्तर पर औद्योगिक विकास को गति देना है। बताया जा रहा है कि लक्ष्य 138 के साथ साथ तीस प्रतिशत अतिरिक्त लाभार्थी की सूची प्रतीक्षा में रखी जाएगी। 15 मार्च तक लाभार्थी कर सकते हैं आवेदन: मुख्यमंत्री उद्यम योजना के तहत लाभार्थियों का आवेदन लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीते 26 फरवरी से ही आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है, लाभार्थी आगामी 15 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। हालांकि आवेदन ऑनलाईन करना होगा। इसके लिए मुख्य रूप से लाभार्थी बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए। इकाई खगड़िया जिले में ही स्थापित की जानी अनिवार्य है। अधिकतम उम्र पचास वर्ष व न्यूनतम योग्यता इंटर निर्धारित किया गया है। क्या है वित्तीय सहायता का संरचना: उद्योग महाप्रबंधक परिधि विदिशा ने बताया कि इस योजना के लिए 10 लाख तक की परियोजना स्वीकृत की जा सकती है। जिसमें पांच लाख रूपए का अनुदान दिया जाएगा। वहीं पांच लाख ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना का भी लाभार्थियों को मिलेगा लाभ: मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को विशेष रूप से मौका दिया गया है।हालांकि इस योजना के लाभ के लिए लाभार्थी को न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। इस योजना के तहत दस लाख रूपए का तक ऋण दिया जाएगा। जिसमें पांच लाख रूपए का अनुदान एवं पांच लाख रूपए ब्याज मुक्त ऋण होगा। यह योजना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग द्वारा 74 परियोजनाएं की गई है चिन्हित: उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के 74 परियोजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, आटा मिल, सत्तू, मसाला, मखाना, तेल मिल, दाल मिल, बेकरी, जैम-जेली, आइसक्रीम, शहद प्रसंस्करण शामिल हैं। वहीं निर्माण एवं लकड़ी आधारित उद्योग के लिए फ्लाई ऐश ब्रिक्स, पेवर ब्लॉक, फर्नीचर, दरवाजे-खिड़कियां, प्लाइवुड आदि शामिल हैं। जबकि वस्त्र एवं चमड़ा उद्योग के लिए रेडीमेड गारमेंट्स, जूट बैग, स्कूल ड्रेस, होजरी, चमड़ा उत्पाद ,इंजीनियरिंग एवं मेटल के श्रेणी में कृषि यंत्र, स्टील फर्नीचर, गेट-ग्रिल, ऑटो गैरेज आदि शामिल हैं। बोले अधिकारी: जिला उद्योग केंद्र द्वारा जिले के सभी योग्य युवाओं, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को इन योजनाओं के लाभ के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं इस योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है। परिधि विदिशा, महाप्रबंधक, उद्योग। फोटो: नाम से परिधि विदिशा खगड़िया जिले के लिए निर्धारित श्रेणीवार लक्ष्य श्रेणी लक्ष्य अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमी 28 अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी 32 महिला उद्यमी 32 युवा उद्यमी 32 अल्पसंख्यक उद्यमी 12 दिव्यांगजन उद्यमी 02 कुल 138
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