जिले में अब तक लक्ष्य के विरुद्ध 31 प्रतिशत किसानों को मिला है केसीसी
खगड़िया में किसानों को खेती के लिए बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण मिल रहा है। हालांकि, कई बैंक सुस्त प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। अब तक 31% ऋण वितरण लक्ष्य पूरा किया गया है, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने के कारण किसान कठिनाई का सामना कर रहे हैं।

खगड़िया। नगर संवाददाता किसानों को खेती करने में आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए बैंकों द्वारा किसानों को किसान के्रेडिट कार्ड के तहत ऋण दिया जाता है। हालांकि प्रतिवर्ष इसके लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। इसमें कुछ बैंक अच्छे प्रदर्शन करते हैं तो कुछ बैंक सुस्ती बरतते हैं। खैर जो भी ही किसानों को सस्ते निर्धारित ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध होते हैं। यह किसानों के हितों के लिए काफी फायदेमंद हैं, लेकिन बैकिंग प्रक्रिया व नियमों के कारण कभी कभी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि अब तक लक्ष्य के विरुद्ध 31 प्रतिशत केसीसी ऋण का वितरण किया गया है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 5.38 अरब ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरुद्ध अब तक 31 प्रतिशत ऋण का वितरण किया गया है। इसमें अभी भी और भी प्रगति लाने की जरूरत है। क्योंकि यह आंकड़े तीन तिमाही हैं। यानि अब कम समय में लक्ष्य अधिक है। ऐसे में इसके लिए सभी बैंकों को प्रगति लानी होगी। पहले छह माह में सिर्फ 1.11 अरब ही केसीसी वितरण किए गए थे। जिसमें कुछ बैंकों की प्रगति काफी कम थी। बताया गया कि गत दिसंबर माह में पहले छह माह के बैंकों द्वारा केसीसी ऋण वितरण की समीक्षा के दौरान तत्कालीन डीडीसी अभिषेक पलासिया ने कड़ी नाराजगी जताई थी। उस समय कई बैंकों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक था। राज्य स्तर पर से सितंबर माह तक के मिले अंाकड़ों पर गौर करें तो जिले में नए केसीसी व पुराने केसीसी मिलाकर 38 हजार का ऋणियों का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरूद्ध प्रगति लगभग 12 हजार की है। यानि इन 12 हजार को या तो नया ऋण दिया गया है फिर पुराने ऋणधारकों ने अपने ऋण को रिनुअल कराया है। चालू वित्तीय वर्ष में 10 हजार 795 किसानों को नए केसीसी दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। ऋण मिलने से क्या होता है फायदा: केसीसी ऋण मिलने से किसानों को मोटे ब्याज दरों पर निजी व्यक्तियों से ऋण नहीं लेना पड़ता है। क्योंकि बैंकों द्वारा केसीसी लोन कम ब्याज दरों पर दिया जाता है। वहीं महाजनों अथवा किसी अन्य व्यक्तियों से कर्ज पर राशि लेने पर सात से दस प्रतिशत की दर से ब्याज देना पउ़ता है। जो किसानों के लिए काफी परेशानी भरा होता है। बताया जाता है कि केसीसी ऋण के लिए अब निर्धारित राशि भी बढ़ा दी गई है। केसीसी लोन के लिए प्रक्रिया भी नहीं है आसान : जिले में किसानों को कम परेशानी में ऋण मिले। इसके लिए सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है लेकिन इसके बाद भी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने में पसीना छूट रहे हैं। किसान रामनंदन सिंह, सुधीर यादव, उमेश सिंह आदि का कहना है कि ऋण के लिए बैंकों द्वारा मांगे कागजात एवं इसकी प्रक्रिया जटिल है। खासकर अपने नाम से जमीन नहीं होने पर तो अंचल कार्यालय का चक्कर काटने में पसीना छूट जाता है। क्योंकि एलपीसी बनाने में परेशानी होती है। हालांकि बीच बीच में शिविर लगाए जाते हैं, लेकिन आवेदन करने के बाद भी परेशानी कम नहीं होती है। बोले अधिकारी: जिले में केसीसी ऋण वितरण की लगातार समीक्षा की जा रही है। अब तक जिले में लगभग 31 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा किया जाएगा। परवेन्द्र कुमार, एलडीएम।
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