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ब्रांच लाइन के बीच पिस रहे हैं बिजली उपभोक्ता

आठ ब्रांच लाइनों के बीच गोगरी के वीआईपी इलाके के उपभोक्ता पिस रहे हैं। गोगरी फीडर का रूट लंबा होने के कारण बराबर रह-रहकर लाइन बाधित होता है। इस फीडर से ही मुंगेर जिले के दो पंचायत क्रमश: झौवा बहियार व हरिणमार गांव को भी बिजली आपूर्ति हो रही है।

गोगरी फीडर के इस लंबे रूट में कही भी फॉल्ट रहने के बाद गोगरी फीडर की बिजली बाधित हो जाती है। गोगरी का लाइन बराबर बाधित रहने के कारण औसतन तीन से चार घंटा कम बिजली मिल पाती है। गोगरी के लोगों को महेशखूंट पावर सब- स्टेशन से बिजली मिलती है। गोगरी को जिस फीडर से बिजली मिलती है, उसका रूट काफी लंबा है। गोगरी को जिस फीडर से बिजली जाती है, उसी फीडर से मुंगेर के झौवा बहियार व हरिणमार के अलावा गोविन्दपुर, बोरना, दु:खाटोला, राटन, मदारपुर, गोगरी सहित दर्जनों देहाती इलाके के साथ-साथ गोगरी नगर पंचायत को भी बिजली दी जाती है। जानकारी के अनुसार गोगरी फीडर में आठ ब्रांच लाइन जोड़ा जाता है।

इतने सारे मागार्े में से कही भी बिजली बाधित होने पर तुरंत गोगरी फीडर की बिजली काटी जाती है। फिर लाइन दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की जाती है। इसके अलावा भी बारिश या हल्की आंधी आने के पर या 33 हजार में ऐसे भी कही फॉल्ट आने पर गोगरी फीडर की बिजली बाधित हो जाती है। हालांकि 33 हजार में फॉल्ट की समस्या का समाधान के लिए काफी मशक्कत के बाद रेलवे से एनओसी लेकर महेशखूंट में 33 हजार वोल्ट का रेलवे क्रासिंग करवाया गया। फॉल्ट के कारण लोगांे को औसतन चार से पांच घंटा बिजली कम मिलती है।

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  • Web Title:Electricity consumers are drinking between the branch lines