
परबत्ता : उपस्वास्थ्य केंद्र डुमरिया खुर्द खंडहर में तब्दील
परबत्ता के डुमरिया खुर्द उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हो गया है और स्वास्थ्यकर्मी को दवाईयों का रखरखाव करना मुश्किल हो गया है। विभाग की उदासीनता के कारण मरीजों को परबत्ता सीएचसी जाने के लिए सात किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहां मरीजों की भीड़ रहती थी।
परबत्ता । एक प्रतिनिधि प्रखंड के उपस्वास्थ्य केंद्र डुमरिया खुर्द का जर्जर भवन भूतबंगला में तब्दील हो गया है। इस उपस्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण के लिए कई बार प्राक्कलन बनकर तैयार हुआ, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। आज इस उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थिति यह है की स्वास्थ्यकर्मी को सिर डुपाना तो दूर जीवन रक्षक दवाईयों का रखरखाव मुश्किल बना हुआ है। वही विभाग के अधिकारी का नींद अभी तक नहीं खुल रही है। इस केंद्र की स्थिति यह है कि पड़ोस की धार्मिक स्थल दुर्गा मंदिर या आंगनबाड़ी केंद्र में स्वास्थ्यकर्मी किसी तरह अपनी ड्यूटी करने को विवश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देहाती क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रबुद्धजनों के बीच आपसी सहमति बनायी गई। वर्ष 1981-82 के दशक में स्थानीय ग्रामीण सीताराम ठाकुर व गीता ठाकुर ने संयुक्त रूप से राज्यपाल के नाम से करीब दो कट्ठा जमीन दान कर दिया। जमीन के उपलब्ध होते ही विभाग द्वारा लाखों की राशि से भवन निर्माण शुरू किया गया। भवन निर्माण पूर्ण होते ही डुमरिया खुर्द में स्वास्थ्य सेवा शुरू हुआ। स्वास्थ्य सेवा शुरू होते ही लोगो को इसका पूरा लाभ मिलने लगा क ग्रामीण क्षेत्रोंें स्वास्थ्य संबंधी सुविधा मिलने लगी। इस स्वास्थ्य केंद्र में विभाग द्वारा दो एनएम व एक कं पाउंडर को नियुक्त किया गया। धीरे-धीरे विभाग का ध्यान उपस्वास्थ्य के प्रति कम हो गया तथा उपस्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त कंपाउंडर से परबत्ता सीएचसी में काम लिया जाने लगा। स्थिति यह हुई कि सरकारी भवन जर्जर हो गया। आज स्थिति यह है कि उपस्वास्थ्य केंद्र भूतबंगला बन गया है। उपस्वास्थ्य केंद्र में नियुक्ति एनएम आज कभी दुर्गा मंदिर कभी आंगनबाड़ी में रहकर अपनी ड्यूटी करने को विवश हैं। विभाग की उदासीनता के कारण आज मरीजों को जीवन प्रदान करने वाला उपस्वास्थ्य केंद्र भूतबंगला में तब्दील हो गया है, लेकिन स्थानीय अधिकारी मूकदर्शक बना हुआ है। इधर कवेला पंचायत के मरीजों को तकरीबन सात किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज कराने के लिए परबत्ता सीएचसी जाने कह मजबूरी बनी है। क्या कहते हैं ग्रामीण : ग्रामीणों के अनुसार दो दशक पूर्व जहां मरीजों के इलाज के लिए दो एनएम व एक कंपाउंडर नियुक्त था। इलाज कराने वाले मरीजों की भीड़ लगी रहती थी। आज वहां जंगल ही जंगल पड़ा हुआ है। यह सरकारी भवन भूत बंगला में तब्दील हो हो गया है। इसके बावजूद भी विभाग इस सरकारी भवन को झांकना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बोले अधिकारी : डुमरिया खुर्द उपस्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन के संबंध में विभाग के उच्चाधिकारी का ध्यान दिलाया गया है। डॉ कशिश, सीएचसी प्रभारी, परबत्ता। फोटो : 7 कैप्शन: परबत्ता के उपस्वास्थ्य केंद्र डुमरिया खुर्द का जर्जर भवन। प्रस्तुति - अमोद कुमार तिवारी

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




